सागर मे कैंसर अस्पताल की स्थापना होगी

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास करें एवं 80 करोड़ रुपये की लागत से टाटा अस्पताल मुंबई की तर्ज पर सागर में कैंसर अस्पताल की शुरुआत की जाएगी। साथ ही सरकार भवन के लिए पैसा दे सकती है लेकिन भवन में आत्मा डालने का काम डाक्टर पूरे मनोयोग से करें, डाक्टर समाज का दिल जीतने का कार्य करें।

उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री तथा सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय परिसर में 100 बिस्तरों वाले नवीन महिला एवं शिशु रोग विभाग तथा एकीकृत पब्लिक हेल्थ लैब का लोकार्पण किया। साथ ही बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण हेतु भूमि पूजन कार्यक्रम में व्यक्त किए।

इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सागर विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन, सांसद डॉ. लता वानखेड़े, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, श्याम तिवारी, श्रीमती रानी कुशवाहा, कलेक्टर संदीप जी आर, पुलिस अधीक्षक विकास सहवाल, उपस्थित रहे।

लोकार्पण भूमिपूजन कार्यक्रम में मंत्री शुक्ल ने कहा कि

सागर में कैंसर अस्पताल की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए सरकार ने 80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह अस्पताल जी प्लस 6 भवन में तैयार होगा और इसका अगले माह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भूमिपूजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कैंसर अस्पताल में सभी टाटा अस्पताल, मुंबई की तर्ज पर समस्त सुविधाएं, संसाधन एवं इलाज मुहैया कराया जाएगा।, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र के मरीजों को दिल्ली, भोपाल या मुंबई नहीं जाना पड़ेगा।

शुक्ल ने बताया कि मध्यप्रदेश की मातृ एवं शिशु मृत्यु दर अत्यधिक है। इसे कम करने हेतु सभी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाए जब गर्भवती होती हैं तो उनकी जांच, टीकाकरण और पंजीयन समय पर नहीं होता, जिससे मृत्यु दर अधिक होती है। उन्होंने कहा कि कि गर्भावस्था के पहले माह से ही जांच शुरू की जाए। आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं ग्रामीण क्षेत्र के मेडिकल अधिकारियों को बेहतर प्रशिक्षण देकर जागरूक किया जाएगा।

शुक्ल ने कहा कि 200 बिस्तरों का कैंसर अस्पताल मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के द्वारा शुरू किया जाएगा, जिसमें टाटा अस्पताल, मुंबई की तर्ज पर सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नई नियुक्त डॉक्टर गांवों में सेवा देकर भारत की वास्तविकता को समझें और फिर शहरों में स्वास्थ्य परीक्षण का कार्य करें।

इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉक्टर आरएस जयंत ने स्वागत भाषण एवं कार्यक्रम के संबंध में प्रतिवेदन की जानकारी दी, कार्यक्रम में संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. नीना गिडियन द्वारा लिखित पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। संचालन पूर्व चिकित्सक डॉ. श्याम मनोहर सरोदिया ने किया एवं आभार प्रदर्शन सीएमएचओ डॉ. ममता तिमोरी ने किया।

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