ग्वालियर: मेडीकल कॉलेज खोलने की कवायद पिछले 5 सालों से ग्वालियर में चल रही थी। जीवाजी विश्वविद्यालय के कैम्पस स्थित परीक्षा भवन को इसके लिए चिन्हित किया था। 2 साल पहले नेशनल मेडीकल कमीशन की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। लेकिन डीन और फैकल्टी की नियुक्ति नहीं होने की वजह से मामला अटक गया। इस दौरान जब कुलगुरू प्रो. राजकुमार आचार्य ने सीएम मोहन यादव से चर्चा की तो सीएम ने मेडीकल कॉलेज मुरैना में खोलने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। 2025 में जीवाजी विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर मुरैना में 50 से 70 एकड़ भूमि आवंटित करने का आग्रह किया। लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है।
एनएमसी के नियमों के अनुसार 100 एमबीबीएस सीटों वाले मेडिकल कॉलेज के लिए एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फार्माकोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन और फॉरेंसिक मेडिसिन जैसे विभागों का पहले से होना जरूरी है। साथ ही कम से कम 85 फैकल्टी की नियुक्ति अनिवार्य है। शीतला मंदिर रोड पर नोनेरा गांव के पास 17.454 हेक्टेयर जमीन पहले जेयू को मेडिकल कॉलेज के लिए आवंटित की गई थी। लेकिन जमीन विवाद के चलते मामला कोर्ट में फंस गया और विश्वविद्यालय को वहां से हाथ खींचने पड़े।
