
देवास। जिले के ग्राम पंथमुंडला से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि मुस्लिम समुदाय द्वारा दलित समाज की भूमि पर अतिक्रमण कर कब्जा किया जा रहा है। वायरल वीडियो में कुछ घरों पर “यह मकान बिकाऊ है” जैसे पोस्टर भी लगे दिखाई दिए, जिससे जनसामान्य में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब नव भारत द्वारा वास्तविक स्थिति जानने हेतु दलित समाज के लोगों से प्रत्यक्ष बातचीत की गई, तो एक अलग ही सच्चाई सामने आई। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण संबंधी आरोप निराधार हैं कुछ लोगों द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा जरूर किया गया है। लेकिन हमें मूल भूत सुविधा से वंचित रखा गया है इस लिए मकानों पर पोस्टर लगाने के पीछे उनका उद्देश्य प्रशासन का ध्यान खींचना था।
गांव में नियमित बिजली आपूर्ति की समस्या
नाली, जल निकासी व सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव
हाल ही में आए तेज आंधी-तूफान से मकानों को हुई क्षति का अब तक कोई मुआवजा नहीं मिला
दलित समाज के लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभागों से शिकायतें की गईं, किंतु आज तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। निराश होकर उन्होंने अपने घरों पर बिकाऊ के पोस्टर लगाए ताकि शासन-प्रशासन का ध्यान उनकी ओर आकर्षित हो सके।
जैसे ही यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचा, जिला कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने तत्काल जांच के निर्देश जारी किए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि संपूर्ण मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी भी वर्ग को कोई वास्तविक समस्या है तो उसका जल्द से जल्द निराकरण किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बिना पुष्टि के किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने से समाज में गलतफहमियां पैदा होती हैं, जिनसे बचना अत्यंत आवश्यक है।
प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें, किसी भी भ्रामक सूचना पर बिना जांच-पड़ताल के विश्वास न करें, और किसी भी समस्या की स्थिति में सीधे संबंधित विभाग अथवा जिला प्रशासन से संपर्क करें।
