जगदलपुर 01 अगस्त (वार्ता) ईसाई समाज ने जामगांव में धर्मांतरित व्यक्ति की की मौत के बाद शव को ग्रामीणों के दबाव में कब्र से बाहर निकालने और चर्च में तोड़फोड़ किए जाने के विरोध में शुक्रवार को यहां विशाल रैली निकालकर प्रदर्शन किया।
इस दौरान समाज के लोगों के कलेक्ट्रेट घेराव की भी कोशिश की लेकिन पुलिस ने बैरिकेटिंग में ही रोक लिया और मौके पर समाज ने जिला प्रशासन को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है।
ईसाई समाज ने जामगांव में चर्च में तोड़फोड़ और रीति रिवाजों का हवाला देकर शव को कब्र से जबरन बाहर निकलवाने दबाव बनाने वाले लोगों पर 15 दिन के भीतर कार्रवाई करने अन्यथा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इसके अलावा क्रिश्चियन कब्रिस्तान के लिए जगह दिलाने की भी मांग प्रशासन से की है।
गौरतलब है कि 26 जुलाई को जाम गांव में धर्मांतरित सोमलाल राठौर की मौत के बाद उनके परिजनों ने शव को गांव में अपनी जमीन पर दफन किया था। उसके बाद आस पास के कई गांव के ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए रीति रिवाजों का हवाला देकर प्रशासन पर शव बाहर निकालने का दबाव बनाए था और चर्च में भी तोड़फोड़ की गई थी, जिसके बाद मृतक के भाई ने हत्या की आशंका जताते हुए शव को बाहर निकालने की मांग कर दी थी।
प्रशासन ने शव बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के बाद शव को चारामा के कब्रिस्तान में दफन करवा दिया था। अब ईसाई समाज ने इसे परिजनों के लिए पीड़ादायक बताते हुए न्याय की मांग की है और जामगांव में उत्पात मचाने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्रिश्चियन समाज ने अपनी पांच सूत्रीय मांग को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है तथा मांगे नहीं माने जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। ईसाई समुदाय की मांग है कि जामगांव में हुए प्रार्थनसभा पर नुकसान पहुंचाने और कब्र को खोदकर शव निकालने की उच्चस्तरीय जांच की जाए।
