भारत के लिए अमेरिका-चीन-पाकिस्तान का गठबंधन खतरनाक : खरगे

नयी दिल्ली, 31 जुलाई (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों पर चुप्पी साधने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को समझ लेना चाहिए कि भारत के खिलाफ अमेरिका पाकिस्तान तथा चीन का गठजोड़ बन रहा है और यह अत्यंत खतरनाक है।

श्री खरगे ने कहा कि सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर श्री ट्रंप के बयानों पर श्री मोदी ने संसद में मौन व्रत धारण कर रखा था। सवाल है कि अब श्री ट्रंप ने भारत पर जो बेबुनियाद आरोप लगाए हैं, क्या उस पर भी प्रधानमंत्री चुप रहेंगे।

उन्होंने कहा, “देश सबसे पहले है और हम देश के साथ हैं। श्री ट्रंप ने हमारे ऊपर 25 प्रतिशत आयात शुल्क और जुर्माना थोपा है। इससे देश के व्यापार को नुकसान होगा, एमएसएमई और किसानों पर भी बुरा असर पड़ेगा। कई उद्योगों को भारी क्षति होगी। आपके मंत्रीगण महीनों से अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करने की बात कर रहें हैं। कुछ तो कई दिनों तक वाशिंगटन में डेरा डाले बैठे रहे। आपके दोस्त ‘नमस्ते ट्रम्प’ और ‘अबकी बार ट्रम्प सरकार’ ने आपकी दोस्ती का हमारे देश को ये सिला दिया।”

उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने आयात शुल्क की जो वजह बताई है कि वे सब चौंकाने वाली है। आयात शुल्क लगाने की वजह उन्होंने भारत द्वारा रूस से तेल आयात, भारत द्वारा रूस से हथियारों की खरीद, भारत का ब्रिक्स का सदस्य होना, ब्रिक्स का अमेरिकी डॉलर पर हमला बताया है। ये भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता वाली राष्ट्रीय नीति पर कड़ा प्रहार है। इतिहास गवाह है गुट निरपेक्ष हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण नीति रहा है। सभी सरकारों ने, चाहे वो किसी पार्टी की हो, सभी ने देशहित में दुनिया के देशों से दोस्ती मज़बूत की है।

श्री खरगे ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में डॉ. मनमोहन सिंह ने अमेरिका सहित 45 देशों से परमाणु छूट दिलाई थी। अमेरिका ने हमारा साथ दिया था और इसके लिए उन्होंने अपना क़ानून बदला लेकिन भारत केवल अमेरिका से परमाणु ईंधन और सामाग्री लेने के लिए बाध्य नहीं था। हमारे विकल्प खुले थे।

उन्होंने श्री मोदी की विदेश नीति पर हमला करते हुए कहा, “आपकी सरकार की विदेश नीति ने हमारी राष्ट्रीय नीति को गहरा धक्का पहुंचाया है। श्री ट्रंप पाकिस्तान के साथ तेल भंडारण पर समझौता करने की बात कर रहें हैं और भारत को धमका रहे हैं कि तुम चुप्पी साधे बैठे रहो। हम इस नए अमेरिका-चीन-पाकिस्तान के गठजोड़ से चिंतित हैं। मोदी सरकार को पीआर की चिंता करने के बजाय देश की चिंता करनी चाहिए।”

इस बीच कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने संसद में अमेरिकी टैरिफ पर आज केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बयान पर कहा “वाणिज्य मंत्री ने संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी आयात शुल्क के मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया। उन्होंने सिर्फ़ आत्म-प्रशंसा की। अमेरिका के साथ व्यापार समझौता न हो पाने, अमेरिका द्वारा भारतीय आयातों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने और रूस तथा ईरान के साथ व्यापार करने पर अतिरिक्त दंड लगाने जैसे वास्तविक मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं की गई। भारतीय व्यवसायों की चिंताओं और भावनाओं का कोई समाधान नहीं किया गया। यह स्पष्ट है कि भारत अब अमेरिका के साथ नयी और बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है। श्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी बहुप्रचारित व्यक्तिगत मित्रता पर भरोसा किया था। यह पूरी तरह से खोखली साबित हुई है।”

 

 

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