नयी दिल्ली, 31 जुलाई (वार्ता) बिहार में विधान सभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के अगले चरण में सूची के मसौदे का प्रकाशन शुक्रवार को किया जाएगा।
इसके बाद कल से ही मसौदा सूची में छूट गये किसी भी पात्र नाम को जुड़वाने या जुड़े हुए अपात्र नाम को कटवाने या किसी त्रुटि के संशोधन के लिए एक माह तक दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में राज्य के मतदाताओं के नाम एक संदेश में कहा, “ बिहार के सभी 38 जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) द्वारा राज्य के सभी जिलों में सभी मान्यता प्राप्त रानीतिक दलों को इसकी भौतिक और डिजिटल प्रतियां भी दी जाएंगी।”
उन्होंने कहा, “ बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) और 243 निर्वाचन निबंधन अधिकारी (ईआरओ) उस विधान सभा क्षेत्र के किसी भी मतदाता या बिहार के किसी भी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल को एक अगस्त से एक सितंबर 2025 तक आगे आकर किसी भी छूटे हुए पात्र मतदाता के नाम जोड़ने, किसी अपात्र मतदाता के नाम हटाने या मसौदा सूची में किसी भी प्रविष्टि में सुधार के लिए दावे और आपत्तियां देने के लिए आमंत्रित करेंगे।”
निर्वाचन आयोग के 24 जून को जारी आदेश के अनुसार बिहार में सूचियों के पुनरीक्षण के पहले चरण में 24 जुलाई तक वर्तमान सूची के कुल 7.89 करोड़ मतदाताओं में से 7.24 करोड़ के मतगणना फार्म प्राप्त हुए थे। आयोग ने कहा कि पहले चरण में लोगों की भागीदारी जबरदस्त रही।
आयोग के अनुसार स्थानीय बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) और एजेंटों ने घर-घर जाकर जानकारी लेने के अभियान में पाया की सूची में 22 लाख मतदाताओं (2.83 प्रतिशत) की मृत्यु हो चुकी है, 36 लाख (4.59 प्रतिश) स्थायी रूप से राज्य छोड़ कर जा चुके हैं, सात लाख मतदाताओं ( 0.89 प्रतिशत) के नाम एक से अधिक जगह दर्ज हैं। करीब लाख मतदाताओं का कोई पता नहीं चल सका है।
आयोग का कहना है कि बीएलओ और बूथ स्तरीय एजेंटों के घर-घर दौरों के बावजूद भी, सात लाख से कम मतदाताओं के फॉर्म अभी वापस नहीं मिले हैं।
बिहार में मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक राजनीनितिक और न्यायिक विवाद का विषय बन गया है, जबकि आयोग ने बार बार कहा है कि यह प्रक्रिया अक्षरस: कानून और संविधान के अनुरूप सम्पन्न करायी जा रही है। आयोग ने यह भी कहा है किसी पात्र मतदाता का नाम नहीं छूटे, इसके लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।
