
रीवा।मंगलवार को तेज आंधी और तूफान से विद्युत विभाग को भारी नुकसान हुआ है. एक सैकड़ा से अधिक विद्युत पोल जिले में धराशाही हो गए और विद्युत लाइने क्षतिग्रस्त हुई. जिसके कारण आधा सैकड़ा गांव अंधेरे में है. मरम्मत के 24 घंटे बाद विद्युत सप्लाई बहाल की जा सकी. विभाग को लगभग 50 लाख की क्षति हुई है.
गौरतलब है कि मंगलवार की दोपहर 52 किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज आंधी आई. जिसके कारण घरो के टीन टप्पर उड़ गए, वही विद्युत लाइनो पर पेड़ गिर गये और विद्युत लाइने ठप्प हो गई. मेंटीनेंस का कार्य अभी चल ही रहा था कि तेज आंधी का असर लाइनो पर पड़ा. पूर्व संभाग में 35 से 40 विद्युत पोल टूटे है, सबसे ज्यादा 11 हजार लाइन के पोल टूटे है. गोविन्दगढ़ में दर्जन भर विद्युत पोल धराशाही हो गए. इसी तरह गुढ़ में पांच, मनिकवार में दस, रायपुर कर्चुलियान में दो एवं मनगवां में दो पाल टूटे है. एलटी लाइन के भी पोल टूटे है जबकि 33 हजार लाइन के विद्युत तार कई जगह टूटे है. शाम तक आंधी चली जिसके कारण मरम्मत कार्य नही हो पाया था, लिहाजा अधिकांश गांव अंधेरे में रहे. बुधवार को मरम्मत के बाद शाम तक विद्युत सप्लाई बहाल कर दी गई. पश्चिम संभाग में भी बहुत नुकसान हुआ है, 30 से 35 पोल टूटे है. 11 हजार एवं एलटी लाइन के पोल आंधी से धराशाही हुए है. लौआ, सेमरिया, सिरमौर, बनकुइया एवं चोरहटा ग्रामीण क्षेत्र में पोल टूटने की शिकायते मिली है. दो दिन की मरम्मत के बाद विद्युत लाइन बहाल की गई. यहा पर भी लगभग 10 से 15 लाख का नुकसान हुआ है. जबकि त्योथर डिवीजन में सोमवार को आई आंधी से एलटी लाइन के पोल टूटे है. तीन दर्जन से अधिक पोल टूटने की शिकायत मिली है और 10 लाख का नुकसान हुआ है. शहर क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है. दरअसल यहा मेंटीनेंस का काम चल रहा था और बड़ी लाइनो का मेंटीनेंस हो गया था, पेड़ की टहनिया काटी गई थी. लेकिन मंगलवार को आए आंधी तूफान में कई विद्युत लाइने प्रभावित हुई है और पोल भी टूटे है. कई जगह पोल लोहे के थे जो तिरछे हो गये है. 11 केव्ही की तार टूटने से विद्युत आपूर्ति प्रभावित रही. लगभग 15 से 20 लाख का नुकसान शहरी क्षेत्र में हुआ है. इसी तरह से जिले में 50 लाख से अधिक का नुकसान विभाग को हुआ है. इस संबंध में अधीक्षण यंत्री बी.के शुक्ला ने बताया कि तेज आंधी से नुकसान हुआ है. अधिकांश जगह बिजली के पोल टूटे है और तारे भी टूटी है. जिसके कारण विभाग को नुकसान हुआ है. लाइनो का मरम्मत कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है. कुछ जगह आज मरम्मत के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल की गई.
ग्रामीण क्षेत्रो में नही होता लाइनो का मेंटीनेंस
ग्रामीण क्षेत्रो में विद्युत लाइनो का मेंटीनेंस नही किया जाता. नगर पंचायत क्षेत्र में विद्युत लाइनो की मरम्मत को कर दी जाती है लेकिन जो ग्रामीण क्षेत्र की लाइने है उनका मेंटीनेस नही किया जाता. जिसके कारण हल्की सी आंधी आने पर विद्युत आपूर्ति बाधित होती है और जब तेज आंधी आती है तो टहनिया लाइन पर गिर जाती है. जिसकी वजह से नुकसान होता है. मेंटीनेस के लिये पैसा भी आता है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रो में लाइनो का मेंटीनेंस नही कराया जाता.
