नयी दिल्ली, 30 जुलाई (वार्ता) लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के ताजा सर्वे के अनुसार वैश्विक वातावरण की चुनौतियों के बाद भी देश में सूक्ष्म लघु एवं मझोले उद्यम क्षेत्र , खास कर विनिर्माण और व्यापार क्षेत्र की इकाइयों का अपने कामकाज को लेकर आत्मविश्वास इस समय मजबूत है।
सिडबी एमएसएमई सर्वे वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-जून) में समग्र एमएसएमई बिजनेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स (एम-बीसीआई) पिछले दौर के 60.82 के मुकाबले 63.75 हो गया है, जो एमएसएमई के लिए एक अनुकूल व्यावसायिक वातावरण दर्शाता है।
बुधवार को जारी इस रिपोर्ट के अनुसार विनिर्माण और व्यापार क्षेत्रों की इकाइयों में एम-बीसीआई में तिमाही दर तिमाही तेजी अनुक्रमिक देखी गई जबकि सेवाओं क्षेत्र की इकाइयों के आत्मविश्वास में मामूली गिरावट देखी गयी। फिर भी, सेवा क्षेत्र का एम-बीसीआई 60.0 से ऊपर है और आशावाद के एक स्वस्थ स्तर को इंगित करता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद एमएसएमई क्षेत्र में आशावादी दृष्टिकोण बरकरार है। समग्र एमएसएमई बिजनेस प्रत्याशा सूचकांक (एम-बीसीआई) अगली तिमाही और अगले वर्ष पहली तिमाही के लिए क्रमशः 62.1 9 और 67.88 पर था, जो काफी आशावादी दृष्टिकोण को दर्शाता था।
रिपोर्ट के अनुसार व्यापार और सेवाओं के क्षेत्रों में अगले एक वर्ष की अवधि के लिए एम-बीसीआई अपेक्षाकृत अधिक आशावादी हैं। सर्वे में इनसे संबंधित व्यवसाय प्रत्याशा सूचकांक अगले की वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के लिए 68.32 रहा जो चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए 68.24 पर है।
सभी क्षेत्रों में आगामी एक वर्ष की अवधि के लिए प्रत्याशा सूचकांक में सुधार दिखाता है लेकिन चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में इसमें हल्की से मध्यम गिरावटें दिखती हैं। रिपोर्ट के अनुसार ऐसा संभवतः वैश्विक व्यापार वातावरण को लेकर निकट अवधि में अनिश्चितताओं को दर्शाता है ।
सर्वे में बिक्री के रुझान सकारात्मक दिखते हैं हैं। रिपोर्ट में सामने आया है कि निर्माण और व्यापार के काम में लगी एमएसएमई इकाइयों में 50 प्रतिशत से अधिक ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उनकी बिक्री बढी, जबकि सेवाओं में 42 प्रतिशत ने कहा कि उनकी बिक्री में वृद्धि हुई है जबकि 48 प्रतिशत ने बिक्री में पिछले स्तर पर ठहराव की बात की।
सर्वे में सभी क्षेत्रों की इकाइयों ने कहा कि पिछले साल की तुलना में बिक्री में वृद्धि का हुयी।इनमें 60 प्रतिशत को उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उनकी बिक्री में और वृद्धि की उम्मीद है। हालांकि, लगभग 40 प्रतिशत ने कहा कि निर्यातक अमेरिकी आयात शुल्क के मुद्दों से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं। सर्वे के अनुसार इकाइयों को आने वाले समय में सेवाएं और व्यापारिक क्षेत्र विनिर्माण क्षेत्र के साथ-साथ लागत में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि की उम्मीद है फिर भी उन्हें एक साल की अवधि में अपनी लाभप्रदता बने रहने का भरोसा है।
सर्वे में 88 प्रतिशत इकाइयों ने कहा कि अब समग्र कर्ज उपलब्धता में सुधार हुआ है। पिछले दौर के सर्वे में ऐसी राय रखने वाली इकाइयों का अनुपात 79 प्रतिशत था। इकाइयों ने बिक्री, क्षमता उपयोग और इनपुट लागत में विस्तार की स्थितियों को देखते हुए ऋण सुविधाओं को बढ़ाने की जरूरत बतायी है।
सर्वे में समग्र रूप से शामिल 57 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि वे अब अधिक आशावादी है। पिछले दौर के सर्वे में यह अनुपात 43 प्रतिशत था। आशावाद विनिर्माण और व्यापार क्षेत्रों में विशेष रूप से मजबूत है, जबकि सेवाओं के क्षेत्र में मामूली गिरावट देखी गई । इकाइयों का कहना है कि कुशल श्रम की उपलब्धता में पहले की तुलना में सुधार हुआ है तथा ब्याज संबंधी वातावरण में भी मौटे तौर पर सुधार माना जा रहा है।
सिडबी सर्वे के अनुसार लगभग 29 इकाइयों ने क्षमता उपयोग स्तर में और वृद्धि की उम्मीद व्यक्त की है। इसमें शामिल 47 प्रतिशत ने बताया कि उन्होंने पहली तिमाही में अतिरिक्त क्षमता जोड़ी और करीब इसी अनुपात में एमएसएमई का कहना है कि वे एक साल में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा सकती हैे।
