
नैनपुर। रेलवे विभाग नैनपुर के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 6 और 8 के बीच बन रहे रेलवे अंडर ब्रिज में लापरवाही का आलम इस कदर है कि नागरिकों की जान जोखिम में पड़ गई है। निर्माणाधीन अंडर ब्रिज में बिखरे पड़े लोहे के रॉड और अधूरी सड़क व्यवस्था अब दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रही है।
बताया जा रहा है कि विगत 15 दिनों से अंडर ब्रिज का निर्माण कार्य ठेकेदार द्वारा अधूरा छोड़कर बंद कर दिया गया है। सड़क किनारे गिट्टी-रेत डालकर केवल आवागमन चालू कर दिया गया, और खानापूर्ति करते हुए “निर्माण कार्य प्रगति पर है” का एक छोटा-सा बोर्ड लगा दिया गया जो स्पष्ट रूप से दिखाई भी नहीं देता।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार निर्माण स्थल पर जगह-जगह गड्ढे हैं, और लोहे के रॉड खुले छोड़ दिए गए हैं। इसके बावजूद न तो एईएन और न ही आईओडब्लू जैसे जिम्मेदार अधिकारी इसे संज्ञान में ले रहे हैं, मानो वे किसी बड़े हादसे की प्रतीक्षा कर रहे हों।
छात्र गिरा, बाल-बाल बचा
28 जुलाई को सुबह 10:30 बजे एक स्कूली छात्र साइकिल से स्कूल जाते समय लोहे के रॉड में फंसकर गिर पड़ा। सौभाग्यवश छात्र को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन यह घटना आने वाले बड़े खतरे का संकेत है।
हर दिन गुजरते हैं सैकड़ों नागरिक
अंडर ब्रिज से प्रतिदिन सैकड़ों छात्र, नागरिक, दुपहिया-चौपहिया वाहन गुजरते हैं। यदि समय रहते निर्माण स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो किसी भी दिन कोई गंभीर हादसा हो सकता है।
नागरिकों की मांग, तत्काल सुधार कार्य हो
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे प्रशासन को तत्काल निर्माण स्थल से खतरनाक सामग्रियों को हटाकर सुरक्षित मार्ग प्रदान करना चाहिए। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घातक लापरवाही न हो।
