किले हमारी संस्कृति के प्रतीक – मोदी

नयी दिल्ली, 27 जुलाई (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि किले हमारी संस्कृति के प्रतीक हैं, जहां संस्कार और स्वाभिमान आज भी इन किलों की ऊंची-ऊंची दीवारों से झाँकते हैं।

श्री मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में आज कहा कि हम सभी को गर्व से भर देने वाली यूनेस्को से एक और खबर आई है । यूनेस्को ने 12 मराठा किलों को वैश्विक धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी है। ग्यारह किले महाराष्ट्र में, एक किला तमिलनाडु में। हर किले से इतिहास का एक-एक पन्ना जुड़ा है। हर पत्थर, एक ऐतिहासिक घटना का गवाह है। सल्हेर का किला, जहाँ मुगलों की हार हुई। शिवनेरी, जहाँ छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ। यह किला ऐसा जिसे दुश्मन भेद न सके। खानदेरी का किला, समुद्र के बीच बना अद्भुत किला। दुश्मन उन्हें रोकना चाहते थे, लेकिन शिवाजी महाराज ने असंभव को संभव करके दिखा दिया। प्रतापगढ़ का किला, जहाँ अफजल खान पर जीत हुई, उस गाथा की गूंज आज भी किले की दीवारों में समाई है। विजयदुर्ग, जिसमें गुप्त सुरंगें थी, छत्रपति शिवाजी महाराज की दूरदर्शिता का प्रमाण इस किले में मिलता है। मैंने कुछ साल पहले रायगढ़ का दौरा किया था। छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने नमन किया था। ये अनुभव जीवन भर मेरे साथ रहेगा।

उन्होंने कहा देश के और हिस्सों में भी ऐसे ही अद्भुत किले हैं, जिन्होंने आक्रमण झेले, खराब मौसम की मार झेली, लेकिन आत्मसम्मान को कभी भी झुकने नहीं दिया। राजस्थान का चित्तौड़गढ़ का किला, कुंभलगढ़ किला, रणथंभौर किला, आमेर किला, जैसलमेर का किला तो विश्व प्रसिद्ध है। कर्नाटक में गुलबर्गा का किला भी बहुत बड़ा है। चित्रदुर्ग के किले की विशालता भी आपको कौतूहल से भर देगी कि उस जमाने में ये किला बना कैसे होगा!

प्रधानमंत्री ने कहा उत्तर प्रदेश के बांदा में कालिंजर किला है। महमूद गजनवी ने कईं बार इस किले पर हमला किया और हर बार असफल रहा। बुन्देलखंड में ऐसे कई किले हैं – ग्वालियर, झांसी, दतिया, अजयगढ़, गढ़कुंडार, चँदेरी। ये किले सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं है, ये हमारी संस्कृति के प्रतीक हैं। संस्कार और स्वाभिमान, आज भी इन किलों की ऊंची-ऊंची दीवारों से झाँकते हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूँ, इन किलों की यात्रा करें, अपने इतिहास को जानें, गौरव महसूस करें।

 

 

Next Post

खाम्ह-गिजवार सड़क निर्माण में गड़बड़ी की आशंका, जांच से मचा हड़कंप

Sun Jul 27 , 2025
सीधी:खाम्ह-गिजवार-टिकरी सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद प्रभारी मंत्री के निर्देश पर जांच शुरू होने से पीडब्ल्यूडी विभाग में हड़कंप मच गया है। 53 करोड़ की लागत से बनाई जा रही 26.8 किमी लंबी इस सड़क का निर्माण के.डी. कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है। निर्माण के […]

You May Like