
जबलपुर। जानकी नगर की गलियों में सुबह से ही अलग ही रौनक थी। जय श्रीराम के उद्घोष, शंखनाद और रामचरितमानस की चौपाइयों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। मौका था चौबे परिवार द्वारा विगत 51 वर्षों से निरंतर चली आ रही अखंड रामायण परंपरा के सम्मान समारोह का, जहां सनातन संस्कृति जीवंत रूप में दिखाई दी। मंच के सामने सजी कतारों में बैठे रामायण मंडल, हाथों में मानस ग्रंथ और मुख पर श्रद्धा—यह दृश्य देखते ही बनता था। एक-एक कर जबलपुर क्षेत्र से आए 51 रामायण मंडल मंच पर पहुंचे और उनका सम्मान किया गया। सम्मान के दौरान तालियों की गूंज और “जय श्रीराम” के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। पंडाल के एक ओर भक्ति गीत गूंज रहे थे तो दूसरी ओर श्रद्धालु मानस की चौपाइयों में लीन दिखाई दिए। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग—हर वर्ग की सहभागिता इस आयोजन को विशेष बना रही थी।
अनेक मंडलों ने की सहभागिता
कार्यक्रम स्थल पर समन्वय महिला रामायण मंडल, जानकी महिला रामायण मंडल, श्री राम रामायण मंडल साकेत नगर, हनुमान रामायण मंडल कोतवाली, मां सिद्धेश्वरी भक्त परिवार ग्रीन सिटी, श्री रामायण मंडल विजय नगर, श्री राधा बल्लभ रामायण मंडल आईटीआई मढ़ोताल, नवयुवक भक्त रामायण मंडल सहित अनेक मंडलों की उपस्थिति ने आयोजन को भव्यता प्रदान की।
मंच से जब उत्तर मध्य विधानसभा के विधायक डॉ. अभिलाष पांडे, कीर्ति पांडे, विवेकानंद वार्ड की पार्षद सोनिया सिंह और रामानुज चौबे ने मंडलों का सम्मान किया, तो कई वरिष्ठ रामायण प्रेमियों की आंखों में भावुकता साफ झलक रही थी। कई लोगों ने इसे जीवन का स्मरणीय क्षण बताया। कार्यक्रम में दीवाकर मिश्रा, अर्पित उपाध्याय, वैभव अमित सेन, राजू दुबे, रजनीश जायसवाल, आयुष मिश्रा, रंजीत ठाकुर, कन्हैया बलेचा, निखिल उपाध्याय, अखिलेश सोनी सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर आयोजक आशीष चौबे ने मंच से सभी अतिथियों और सनातन परंपरा के संवाहकों के प्रति आभार जताया।
