कोलकाता, 26 जुलाई (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध रूप से अर्जित संपत्ति के एक मामले में डेल्टा लिमिटेड और अन्य की 15.47 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां कुर्क की हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को कहा कि ईडी ने गुरुवार को कंपनी और सात अन्य के खिलाफ कोलकाता में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के अंतर्गत एक विशेष अदालत में अंतिम आरोपपत्र भी दायर किया।
केंद्रीय धन शोधन निरोधक एजेंसी ने कोलकाता के हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर अपनी जांच शुरू की जो नियमित वेतन कटौती के बावजूद भविष्य निधि (पीएफ) का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाने वाली रिट याचिकाओं पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद शुरू की गई थी।
डेल्टा लिमिटेड और अन्य के खिलाफ कथित आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी एवं श्रमिकों की भविष्य निधि कटौती के दुरुपयोग के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी।
ईडी को जांच में पता चला कि कंपनी और उसकी संबद्ध संस्थाओं के लगभग 800 श्रमिकों को उनके पीएफ फंड ट्रस्ट (डेल्टा जूट एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड वर्कर्स प्रोविडेंट फंड ट्रस्ट) का दुरुपयोग कर धोखा दिया गया था। कंपनी को कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) अधिनियम के अंतर्गत छूट मिली थी जिसमें उसे अपने ट्रस्ट के माध्यम से पीएफ राशि का प्रबंधन करने की अनुमति मिली थी। इस ट्रस्ट का उद्देश्य कर्मचारियों के पीएफ फंड का संचालन एवं उचित निवेश सुनिश्चित करना था।
लेकिन इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पेशेवरों या फंड मैनेजरों के बजाय कर्मचारियों को ट्रस्टी नियुक्त किया गया। ये कर्मचारी पूरी तरह से प्रबंधन के निर्देशों पर काम करते थे और उनके पास निर्णय लेने का कोई वास्तविक अधिकार नहीं था। ईडी ने कहा कि लगातार उल्लंघन एवं वित्तीय घाटे के कारण 2014 में यह छूट रद्द कर दी गई लेकिन इसके बावजुद और चल रही अदालती कार्यवाही के बाद भी कंपनी ने श्रमिकों के वेतन से पीएफ काटना जारी रखा और इसे ट्रस्ट या पीएफ अधिकारियों के पास जमा करने में विफल रही।
ईडी ने कहा कि यह धनराशि गलत तरीके से रखी गई क्योंकि कंपनी ने जानबूझकर कर्मचारियों से काटे गए उनके वैधानिक अंशदान को जमा नहीं किया। एजेंसी के अनुसार, रोकी गई राशि को बाद में वैध बना दिया गया और उसका उपयोग गैर-अनुमति वाले उद्देश्यों के लिए किया गया जिसमें ऋण चुकता करना, व्यावसायिक खर्चों को पूरा करना और संपत्ति लेनदेन शामिल थे। इस मामले में अपराध से प्राप्त आय (पीओसी) 15.47 करोड़ रुपये है।
