मजबूत डॉलर के दबाव में रुपया 16.50 पैसे लुढ़का

मुंबई, 25 जुलाई (वार्ता) दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में जारी तेजी और विदेशी संस्थागत निवेशकों के पूंजी बाजार से पैसा निकालने के कारण शुक्रवार को रुपया 16.50 पैसे लुढ़ककर 86.5650 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया।

भारतीय मुद्रा एक महीने बाद 86.50 रुपये प्रति डॉलर से कमजोर हुई है।

एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष एवं अनुसंधान विश्लेषक जतीन त्रिवेदी ने बताया कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय मुद्रा 86.50 रुपये प्रति डॉलर से नीचे उतरी है। डॉलर की मजबूती और शेयर बाजार में मुनाफा वसूली ने रुपये पर दबाव बनाया।

वैश्विक स्तर पर डॉलर में पिछले कुछ दिनों से मजबूती बनी हुई है। दुनिया की अन्य छह प्रमुख मुद्राओं के बास्केट पर आधारित डॉलर इंडेक्स आज 0.4 प्रतिशत के करीब चढ़ा, जिसने भारतीय मुद्रा की गिरावट में योगदान दिया। रुपये की गिरावट का एक कारण कच्चे तेल में तेजी भी है।

रुपये पर आज शुरू से ही दबाव रहा। यह 19 पैसे टूटकर 86.59 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। दोपहर बाद यह 86.6350 रुपये प्रति डॉलर तक टूट गया था। कारोबार की समाप्ति पर 16.50 रुपये प्रति डॉलर की गिरावट के साथ यह 86.50 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

श्री त्रिवेदी ने बताया कि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगले सप्ताह होने वाली बैठक का इंतजार कर रहे हैं। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प केंद्रीय बैंक पर नीतिगत ब्याज दरों में कटौती का दबाव बना रहे हैं। आने वाले समय में रुपया 86 से 87 रुपये प्रति डॉलर के बीच रह सकता है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने आज भारतीय पूंजी बाजार से 37.089 करोड़ डॉलर की शुद्ध निकासी की, जिससे शेयर बाजार के साथ रुपये पर भी दबाव पड़ा।

 

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