नयी दिल्ली, 25 जुलाई (वार्ता) खनिज क्षेत्र की दिग्गज कंपनी समूह वेदांता के चेयरमैन ने सरकार से आग्रह किया कि तेल और गैस की खोज तथा निकासी के लिए चीन की तरह गहरी खुदायी की दिशा में ध्यान देकर उपयुक्त नीति अपनानी चाहिए।
श्री अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि चीन ने पिछले साल तेल और गैस पर 38 अरब डॉलर का पूंजीगत व्यय किया था जो एक्सॉन और शेवरॉन जैसी वैश्विक ऊर्जा कंपनियों के कुल वैश्विक खर्च से भी अधिक है।
वेदांता चेयरमैन ने कहा कि चीन अब ज़मीन के आठ किलोमीटर नीचे तक खुदाई करने लगा है ताकि खनिज पेट्रोलियम के अतिरिक्त भंडार खोजे जा सकें और आयात पर निर्भरता कम की जा सके।
उन्होंने कहा है भारत के पास भी ऐसे ही नवाचार करने की क्षमता, तकनीक और संसाधन मौजूद हैं। यदि नीतिगत समर्थन और निवेश में उचित दिशा मिलती है, तो भारत घरेलू तेल और गैस उत्पादन को बड़े पैमाने पर बढ़ा सकता है और ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बना सकता है।
श्री अग्रवाल ने चीन का उदाहरण देते हुए भारत के समक्ष मौजूदा विशाल संभावनाओं को रेखांकित किया है। वेदांता समूह की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह संदेश वेदांता की ऑयल और गैस इकाई केयर्न के ज़रिए भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता में योगदान देने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है और आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह मेल खाता है।

