मैं अपनी गति और आक्रामक क्षमता निखारने पर काम कर रहा हूँ: हितेश गुलिया

नयी दिल्ली, 25 जुलाई (वार्ता) विश्व मुक्केबाजी कप ब्राजील और विश्व मुक्केबाजी कप-अस्ताना कजाकिस्तान 2025 में क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीतने वाले भारत के 70 किलोग्राम भारवर्ग के मुक्केबाज हितेश गुलिया का कहना है कि वह अपने खेल को और बेहतर बनाने के लिए अपनी गति बढ़ाने तथा आक्रामक क्षमताओं को निखारने पर काम कर रहे हैं।
दोनों प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले भारतीय मुक्केबाजी दल के सम्मान समारोह के इतर यूनीवार्ता को दिए एक विशेष साक्षात्कार में गुलिया ने कहा, “मेरा फुटवर्क काफी अच्छा है। मैं अपनी आक्रामकता और गति बढ़ाने पर काम कर रहा हूँ।”
गुलिया अपनी मुक्केबाजी शैली को धीमी गति और सामरिक बताते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे मुकाबलों के दौरान प्रतिद्वंद्वी का आकलन करना और उसके अनुसार अपने खेल को ढालना पसंद है। हर प्रतिद्वंद्वी अलग होता है इसलिए आपको लचीला होना चाहिए।”
20 वर्षीय गुलिया ने कहा कि दोनों टूर्नामेंट बहुत ही उच्च गुणवत्ता वाले थे और ब्राजील के कायन ओलिवेरा के खिलाफ उनका मुकाबला अब तक का सबसे कठिन मुकाबला था। गुलिया अस्ताना में स्वर्ण पदक के मुकाबले में ओलिवेरा से 0-5 से हार गए।
उन्होंने कहा, “ब्राजील और अस्ताना में सभी मैच कठिन थे, लेकिन अस्ताना में ब्राजीलियाई खिलाड़ी के खिलाफ फाइनल मुकाबला अब तक का सबसे कठिन मुकाबला था।”
झज्जर के मुक्केबाज ने कहा कि अब वह 4-14 सितंबर तक इंग्लैंड के लिवरपूल में होने वाली ‘विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2025’ की तैयारी करेंगे। उन्होंने कहा कि मुक्केबाजी कोच सुरंजय सिंह और बीजिंग ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह उनके आदर्श है।
उन्होंने कहा, “मैं अब सितंबर में होने वाली आगामी विश्व चैंपियनशिप की तैयारी करूँगा। मैं पटियाला के एनआईएस (राष्ट्रीय खेल संस्थान) में शिविर के लिए रवाना हो जाऊंगा।”

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