भरोसेमन्द पाम ऑयल आपूर्ति श्रृंखला के लिए भारत, इंडोनेशिया के खाद्य तेल संघों के बीच समझौता

नयी दिल्ली, 24 जुलाई (वार्ता) भारत और इंडोनेशिया के खाद्य तेल कारोबारियों के दो प्रमुख व्यापार संघों के बीच पाम ऑयल की विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला के लिए परस्पर सहयोग के बारे में गुरुवार को यहां एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

भारतीय वनस्पति तेल उत्पादक संघ (आईवीपीए) और इंडोनेशियाई पाम ऑयल एसोसिएशन (आईपीओए) ने नई दिल्ली में खाद्य तेल उद्योग पर आयोजित एक सम्मेलन में यह करार किया। सम्मेलन का आयोजन आईवीपीए ने किया था।

आईवीपीए की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह समझौता पाम ऑयल क्षेत्र में सहयोग का एक नया अध्याय शुरू करता है – जो दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण है। यह विकास, स्थिरता और खाद्य सुरक्षा पर आधारित है। इस समझौते के तहत दोनों पक्ष पर्यावरण की सुरक्षा के साथ उपज बढ़ने के उद्येश्य से प्रौद्योगिकी के आदान प्रदान और अनुसंधान एवं विकास कार्य में सहयोग, आयल पॉम की पारिस्थितिकी की दृष्टि से स्वस्थ बागवानी और किसानों की भागीदारी तथा उसको मान्यता दिए जाने, नीतियों और विनियमन में सुधार करेंगे। इसके अलावा इसमें आपूर्ति श्रृंखला के जोखिमों को कम कर खाद्य सुरक्षा की सुनिश्चिता तथा भारत के राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन में सहयोग और व्यापार, उत्पादन और कीमत के आंकड़ों के आदान प्रदान में सहयोग की बात है।

भारत अपनी खाद्य तेल की 60 प्रतिशत से अधिक जरूरत आयात के माध्यम से पूरी करता है जबकि इंडोनेशिया दस साल से भी अधिक समय से पाम ऑयल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है।

आईवीपीए के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने कहा, “आज का समझौता ज्ञापन भविष्य के लिए तैयार, पारदर्शी पाम ऑयल आपूर्ति श्रृंखला के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिससे उपभोक्ताओं और उत्पादकों दोनों को लाभ होगा।”

आईपीओए के विदेश मामलों के प्रमुख डॉ. एम. फदिल हसन ने कहा, ‘ यह समझौता भारत के साथ मिलकर सतत और समावेशी विकास के लिए इंडोनेशिया की प्रतिबद्धता को दर्शाता है । हम एक विश्वसनीय, ज़िम्मेदारी से उत्पादित ऑयल आपूर्ति के माध्यम से भारत की खाद्य सुरक्षा और जलवायु लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।’

 

Next Post

चावल में मंदी, चीनी मजबूत, खाद्य तेलों में नरमी, दालों में तेजी

Thu Jul 24 , 2025
नयी दिल्ली, 24 जुलाई (वार्ता) घरेलू थोक जिंस बाजारों में गुरुवार को चावल की कीमतों में मंदी रही। चीनी के दाम भी बढ़े। सरसों तेल को छोड़कर अन्य खाद्य तेलों के भाव टूट गये जबकि दालों में उतार-चढ़ाव देखा गया। घरेलू थोक बाजारों में चावल की औसत कीमत 15 रुपये […]

You May Like