
सीहोर. बुधवार की शाम को शहर की थाना कोतवाली में उस वक्त गहमा- गहमी का माहौल निर्मित हो गया जब एक एंबुलेंस में विवाहिता का शव रखकर उसके परिजन पहुंचे. शव लेकर आए महिला के मायके पक्ष के लोगों ने उसके पति पर जहर देकर मारने का आरोप लगाते हुए उसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़े थे. बाद में सीएसपी ने उनके बयान दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है.
बताया जाता है कि स्थानीय चाणक्यपुरी निवासी धर्मेंद्र राठौर शिवपुरी के समीप सातनवाड़ी में नगर सैनिक है. वह यहां अपने दो भाई और मां के साथ रहता है. गत छह साल पूर्व उसकी शादी ग्वालियर कम्पू निवासी प्रियंका राठौर के साथ हुई थी. उनकी दो साल की एक बेटी भी है. बताया जाता है कि मंगलवार को प्रियंका ने अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था. उसका पति धर्मेन्द्र व ससुराल वाले उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां से विवाहिता को प्रियंका को भोपाल रेफर कर दिया गया. हमीदिया अस्पताल में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया.
इस वाक्ये की जानकारी मिलने पर प्रियंका के मायके पक्ष के भी अनेक लोग भोपाल पहुंच गए थे. उनके द्वारा पति धर्मेन्द्र व ससुराल वालों पर प्रियंका को जहर खिलाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया गया तो वहां से धर्मेन्द्र परिवार सहित गायब हो गया. मृतिका प्रियंका का पीएम कराने के बाद उसके माता- पिता व अन्य रिश्तेदार शव को एंबुलेंस में रखकर सीहोर लाए और थाना कोतवाली में पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया. उनकी मांग थी कि प्रियंका के पति व रिश्तेदारों पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए, उसके बाद ही वह शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर जाएंगे. उनके साथ आई महिलाओं ने कोतवाली परिसर में ही सड़क पर बैठकर विलाप शुरू कर दिया था. मृतिका के भाई जितेन्द्र राठौर का कहना था कि उसकी बहन के साथ मारपीट करने के बाद उसे जहर खिलाकर मारा गया है. जब आरोपी धर्मेन्द्र व उसके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी तब तक वह शव लेकर नहीं जाएंगे. इस दौरान कोतवाली में तमाशबीनों की काफी भीड़ जमा हो गई थी.
बताया जाता है कि पुलिस ने मृतिका के परिजनों के बयान दर्ज करने के उपरांत आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी. इसके बाद भी मृतिका के परिजन शव को ग्वालियर न ले जाते हुए चाणक्यपुरी स्थित उसके ससुराल ले गए जहां वर्तमान में ताला लगा है. पुलिस के काफी समझाने के बाद वह शव को ग्वालियर ले जाने को राजी हुए.
नगर पुलिस अधीक्षक ने लिए परिजनों के बयान
थाना प्रभारी रविन्द्र यादव द्वारा जब काफी समझाईश देने के बाद भी वह नहीं माने तो नगर पुलिस अधीक्षक अभिनंदना शर्मा कोतवाली पहुंचीं और उन्हें समझाईश देने का प्रयास किया. कानूनी प्रक्रिया के बारे में अवगत कराते हुए उन्हें समझाया गया कि मर्ग कायम होने के बाद बयानों व जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जा सकेगा. इसके बाद परिजन बयान देने को राजी हो गए. समाचार लिखे जाने तक सीएसपी अभिनंदना शर्मा मृतिका के परिजनों के बयान ले रही थीं. उसके पश्चात दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.
