इंदौर:परिवहन विभाग अब वाहन मालिकों पर एक नई आर्थिक मार डालने की तैयारी में है. कानून का सहारा लेकर विभाग एक तयशुदा कंपनी से महंगी रेट में रेडियम टेप (रिफ्लेक्टिव टेप) लगवाने की योजना बना रहा है, जो सीधे तौर पर वाहन मालिकों की जेब पर डाका जैसा साबित हो सकती है.फिलहाल खुले बाजार में यही रेडियम टेप 2000 से 2500 रुपए तक में आसानी से लग जाती है और इसकी उम्र करीब 5 से 7 साल मानी जाती है.
बावजूद इसके, विभाग अब एक खास कंपनी को फिक्स कर 4000 से 5000 रुपए में यह टेप लगवाने को बाध्य करेगा. इतना ही नहीं, हर दो साल में जब फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाया जाएगा, तब वाहन मालिक को वही टेप फिर से उसी कंपनी से लगवाना होगा और उस कंपनी का बिल व प्रमाणपत्र पेश करना अनिवार्य किया जाएगा. सूत्रों की मानें तो यह पूरा खेल सुरक्षा के नाम पर शुरू किया जा रहा है, लेकिन इसकी आड़ में विभाग और कंपनी की मिलीभगत से हजारों वाहन मालिकों से करोड़ों रुपए वसूलने की योजना है.
यह सिस्टम लागू होने पर ट्रकों, बसों, डंपर और अन्य कमर्शियल वाहनों के मालिकों को बार-बार खर्च उठाना पड़ेगा. वहीं परिवहन क्षेत्र से जुड़े संगठनों और वाहन संघों ने इस प्रस्तावित योजना का विरोध शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि यदि रेडियम टेप की गुणवत्ता का पैमाना तय कर दिया जाए तो खुला बाजार भी वैसी ही क्वालिटी दे सकता है. केवल एक कंपनी को थोपना सरासर अनुचित और मनमानी है.
