
इंदौर. राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़ आया है. मृतक राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी मंगलवार को शिलांग रवाना हो गए हैं. वे बुधवार को मेघालय हाईकोर्ट में याचिका दायर कर तीन सह-आरोपियों को मिली जमानत को चुनौती देंगे. साथ ही वे शिलांग जेल में बंद छोटे भाई की पत्नी और हत्या की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी से मिलने की भी कोशिश करेंगे.
परिजनों का कहना है कि अब तक तीन आरोपी इंदौर के फ्लैट मालिक लोकेंद्र तोमर, सोसायटी गार्ड बलबीर अहिरवार और प्रॉपर्टी ब्रोकर शिलोम जेम्स को जमानत मिल चुकी है, जिससे परिवार आहत है. खासतौर पर शिलोम की जमानत पर सवाल उठते रहे हैं, क्योंकि उस पर सोनम के जेवर, पिस्टल और बैग छिपाने तथा जलाने जैसे गंभीर आरोप हैं. विपिन का कहना है कि ऐसे व्यक्ति को भी जमानत मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है. राजा की हत्या के बाद उसकी पत्नी सोनम शिलांग से इंदौर आकर जिस फ्लैट में छिपी थी, उसी से यह तीनों आरोपी जुड़े हैं. परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने और फरार आरोपियों को मदद पहुंचाने में भूमिका निभाई, लेकिन उन्हें कानूनी राहत मिल गई. परिजनों का कहना है कि यदि शिलांग हाईकोर्ट से न्याय नहीं मिला, तो वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. साथ ही, केस से जुड़े सभी आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने की मांग भी की जाएगी, ताकि हत्याकांड की असली वजह सामने लाई जा सके. विपिन रघुवंशी का यह भी कहना है कि वे जेल में सोनम से मिलकर सिर्फ एक ही सवाल पूछना चाहते हैं “उसने राजा की हत्या क्यों की?” वे शिलांग से राजा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट और डेथ सर्टिफिकेट भी हासिल करने की कोशिश करेंगे. परिवार का साफ कहना है कि जब तक राजा को न्याय नहीं मिल जाता, वे चुप नहीं बैठेंगे. सोनम और उसके घरवालों ने न केवल राजा से, बल्कि पूरे परिवार से विश्वासघात किया है. अब यह लड़ाई केवल एक भाई की नहीं, न्याय और सच्चाई की है.
