
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को स्वीकृति दी गई, जिससे सांख्यिकी आंकड़ों का संग्रहण और विश्लेषण बेहतर ढंग से हो सकेगा। इस योजना के माध्यम से सरकार सांख्यिकी से समृद्धि की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रही है। इससे नीति निर्माण, पारदर्शिता और निवेश को बल मिलेगा।
बैठक में गांधीसागर (5×23 मेगावाट) एवं राणा प्रताप सागर (4×43 मेगावाट) जल विद्युत गृह के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। गांधीसागर परियोजना की संशोधित लागत 464.55 करोड़ रुपये जबकि राणा प्रताप सागर की अनुमानित लागत 573.76 करोड़ रुपये तय की गई है। दोनों परियोजनाओं में मध्यप्रदेश और राजस्थान की भागीदारी 50:50 रहेगी।
इसके अलावा, उज्जैन में विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2025 और ग्वालियर व्यापार मेला 2024-25 के दौरान वाहन क्रय पर जीवनकाल मोटरयान कर में 50% छूट का निर्णय लिया गया। छूट उन्हीं वाहनों पर मिलेगी जो मेला अवधि में विक्रय होकर संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में स्थायी रूप से पंजीकृत होंगे। बाहरी व्यवसायियों को स्थानीय प्रमाण-पत्र और मेला प्रांगण में उपस्थिति सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
इन निर्णयों से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों, निवेश, पारदर्शिता और ऊर्जा क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।
