
पिपलियामण्डी। हिंगोरिया बड़ा गांव में भाजपा मंडल उपाध्यक्ष श्यामलाल धाकड़ की नृशंस हत्या के बाद पुलिस जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। मामले में मृतक के पिता दौलतराम धाकड़ और पुत्री मोनिका ने महिला सना खान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दौलतराम का कहना है कि सना खान ने पोरवाल समाज के राजू से विवाह किया था, लेकिन उनके बेटे से भी उसका संपर्क था। उन्हें शक है कि सना ने ही सुपारी देकर श्यामलाल की हत्या करवाई है। दौलतराम ने कहा कि यदि हमें न्याय नहीं मिला तो कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे और सड़क पर उतरेंगे। उन्होंने मंत्री जगदीश देवड़ा का जिक्र करते हुए कहा कि उनके हस्तक्षेप के कारण ही पुलिस सक्रियता दिखा रही है, वरना अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। दौलतराम ने मांग की है कि मकान के आसपास के सभी लोगों से कड़ी पूछताछ की जाए क्योंकि वहां दो रास्तों से आना-जाना संभव है। श्यामलाल की पुत्री मोनिका ने भी सना खान पर संदेह जताते हुए कहा कि जिस दिन उनके पिता का शव मिला था, उसी दिन उन्होंने पुलिस को महिला के बारे में बताया था, लेकिन पुलिस ने इसे हल्के में लिया। इधर, श्यामलाल के चचेरे भाई सत्यनारायण धाकड़ का कहना है कि सना खान कुछ भी करवा सकती है। हालांकि उनके पास ठोस सबूत नहीं है, लेकिन संदेह उसी पर है। हत्या के बाद वायरल हुए वीडियो और मोबाइल कॉल डिटेल ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। एक वीडियो में श्यामलाल और महिला प्रेमी-प्रेमिका के अंदाज में नजर आ रहे हैं, जिसके अंत में लिखा है – जान वापस आ जाओ, मुझे अकेला छोड़कर कहां चले गए। इसके अलावा श्यामलाल के मोबाइल से उसी नंबर पर लगातार बातचीत होना भी सामने आया है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। बताया जाता है कि मृतक की कॉल डिटेल और सोशल मीडिया खातों की साइबर सेल द्वारा गहनता से जांच की जा रही है। नाहरगढ़ पुलिस व मंदसौर एसपी अभिषेक आनंद की निगरानी में सात टीमें विभिन्न पहलुओं पर जांच में जुटी हुई हैं। हत्या के बाद की शुरुआती जांच में सामने आया है कि श्यामलाल के गले व मुंह पर धारदार हथियार से पांच बार हमला किया गया था। कमरे की दीवारों पर खून के धब्बे भी मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, हत्या से पूर्व मृतक की अंतिम बातचीत भी उक्त महिला से हुई थी, जिसके बाद से यह मामला और भी संदिग्ध हो गया है। इधर, सोशल मीडिया पर महिला और श्यामलाल के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। महिला के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी ऐसे डायलॉग और कैप्शन मिले हैं जो उसके उग्र स्वभाव की ओर इशारा कर रहे हैं। जांच में एनडीपीएस एक्ट, मादक पदार्थों की मुखबिरी, अवैध संबंध, आर्थिक लेन-देन और पुरानी रंजिश जैसे सभी एंगल को ध्यान में रखा गया है। पुलिस ने मृतक के करीबियों अर्जुन धाकड़, रामनिवास पाटीदार और बाबू धाकड़ से भी पूछताछ की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह भी जांच का विषय है कि हत्या किसी मुखबिरी की वजह से हुई या किसी व्यक्तिगत दुश्मनी का परिणाम है। डॉग स्क्वॉड को भी घटना स्थल पर लगाया गया था, जो गांव के रंगलाल की दुकान तक पहुंचा और रुक गया। बारिश के कारण सुराग धूमिल हो गए। मंदसौर पुलिस अधीक्षक अभिषेक आनंद, मल्हारगढ़ एसडीओपी नरेंद्र सोलंकी, टीआई प्रभात गौड़ सहित पुलिस टीमें हत्याकांड की परतें खोलने में लगी हुई हैं। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, सांसद सुधीर गुप्ता और भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने घटना पर शोक व्यक्त किया है। ग्रामीणों में रोष का माहौल है और वे हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण यह भी सवाल उठा रहे हैं कि आर्थिक रूप से सक्षम, मिलनसार और सामाजिक रूप से सक्रिय श्यामलाल धाकड़ की आखिर किससे की ? हत्या का कारण क्या था और कौन है असली हत्यारा ? इसका जल्द खुलासा होना चाहिए।
