
छतरपुर। छतरपुर जिले के नौगांव थाने में आदिवासी युवकों के साथ बर्बरता करने वाले पुलिसकर्मियों पर आखिरकार कार्रवाई हो गई है। जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगे थे,एएसआई शिवदयाल बाल्मीकि, राम जाट और अरविंद शर्मा उन्हें सस्पेंड कर लाइन अटैच किया गया है।
यह मामला तब सामने आया जब आदिवासी युवकों की मां गौरा आदिवासी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे सब्जी लेने गए थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और चोरी के झूठे आरोप लगाकर बेरहमी से पीटा। पीड़िता ने बताया कि एक बेटा लापता है, जिसे पुलिस ने इतनी बुरी तरह मारा कि वह डर से कहीं भाग गया या कुछ और अनहोनी हो गई हो। पीड़ित युवक प्रताप आदिवासी ने बताया कि थाने में उन्हें नग्न कर डंडों और बेल्टों से पीटा गया, और उसके बाद पानी में लाल मिर्च घोलकर गुप्तांगों में डाला गया। शरीर पर आज भी गंभीर चोटों के निशान हैं।
इस क्रूरता के विरोध में भीम आर्मी के कार्यकर्ता शनिवार शाम छतरपुर एसपी ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए। धरने में राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार भी पहुंचे और पीड़ितों से मिलकर मारपीट की घटना को स्वीकार करते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। रात करीब 2 बजे यह धरना समाप्त हुआ। छतरपुर रेंज डीआईजी ललित शक्यवार ने बताया कि पीड़ितों से बातचीत की गई है, और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण (एमएलसी) की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की बात कही है।
