
शाजापुर। जिला अस्पताल परिसर में तहसीलदार और डॉक्टर के बीच हुए विवाद ने शनिवार को पूरे दिन शहर का माहौल गरमा दिया। दिनभर चली तनातनी के बाद शाम को बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने अस्पताल से बस स्टैंड तक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और तहसीलदार सुनील पाटिल के खिलाफ नारेबाजी की।
जिला अस्पताल के डॉक्टर डॉ. जायसवाल ने बताया कि सुबह जब तहसीलदार अस्पताल परिसर में अतिक्रमण हटाने पहुंचे, तब उनकी सहायता के लिए डॉ. गोविंद पाटीदार, डॉ. दीपक पाटीदार और डॉ. सचिन नायक मौके पर गए थे। डॉक्टरों का आरोप है कि तहसीलदार ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट का प्रयास किया।
डॉक्टरों ने कोतवाली थाने में जाकर एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, जिससे नाराज होकर शाम को डॉक्टरों ने प्रदर्शन तेज कर दिया।
शाम करीब 5:30 बजे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने जिला अस्पताल से बस स्टैंड तक रैली निकाली और रास्ते भर “तहसीलदार पर कार्रवाई करो” जैसे नारे लगाए। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अस्पताल स्टाफ और नागरिक भी शामिल हुए।
विधायक की पहल से बनी सुलह की स्थिति
घटना के बाद शाम 6:30 बजे रेस्ट हाउस में विधायक अरुण भीमावत की अगुवाई में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें एसडीएम मनीषा वास्कले, डिप्टी कलेक्टर राजकुमार हलदर, तहसीलदार सुनील पाटिल, सीएमएचओ डॉ. अजय सालविया, सिविल सर्जन डॉ. बीएस मीणा, और विवाद से जुड़े डॉक्टर उपस्थित रहे।
बैठक के बाद विधायक अरुण भीमावत स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे और वहां उपस्थित चिकित्सकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा आपकी बात को गंभीरता से लिया गया है। मामले में निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उस पर उचित कार्रवाई होगी। उन्होंने डॉक्टरों से सेवाएं पुनः शुरू करने की अपील की, जिसे डॉक्टरों ने स्वीकार कर लिया।
