बेरूत, 19 जुलाई (वार्ता) हिज़्बुल्लाह नेता नईम कासिम ने “इज़रायली आक्रमण” और अमेरिका समर्थित क्षेत्रीय दबावों से लेबनान के “अस्तित्व को खतरे” की चेतावनी देते हुए कहा है कि उनका संगठन ज़रूरत पड़ने पर इज़रायल के सैन्य रूप से सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने ये टिप्पणी वर्ष 2024 में एक इज़रायली हमले में मारे गये हिज़्बुल्लाह के शहीद कमांडर अली अब्दुल मोनीम कराकी (अबू अल-फ़दल) की स्मृति में शुक्रवार को आयोजित एक श्रद्धांजलि सभा के दौरान की।
स्थानीय टीवी चैनल अल-मनार ने कासिम के हवाले से कहा, “हम रक्षात्मक टकराव के लिए तैयार हैं। अगर इज़रायल सीमा पार करता है और आक्रमण उस बिंदु तक पहुँच जाता है जहाँ बचाव आवश्यक है तो हम जीत या शहादत के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “किसी भी खतरे के तहत इज़रायल को अपने हथियार सौंपने या आत्मसमर्पण करने की कोई गुंजाइश नहीं है।”
हिज़्बुल्लाह की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब क़ासिम ने लेबनान की भू-राजनीतिक वास्तविकता को नया रूप देने के तीव्र प्रयासों का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा, “सभी मौजूदा दबाव – सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक – एक ही लक्ष्य पर केंद्रित हैं कि इज़रायली हितों की पूर्ति के लिए हिज़्बुल्लाह के हथियार छीन लिये जायें।”
उन्होंने अमेरिका पर इज़रायल के उल्लंघनों का समर्थन करने और एक नया समझौता थोपने का प्रयास करने का आरोप लगाया जो पिछले इज़रायली उल्लंघनों को रद्द कर देगा और हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण की माँगों को फिर से पेश करेगा।
क़ासिम ने सीरिया, गाज़ा और व्यापक क्षेत्र में इज़रायली कार्रवाइयों का हवाला देते हुए एक व्यापक इज़रायली विस्तारवादी एजेंडे की ओर भी इशारा किया।
उन्होंने कहा, “इज़रायल सिर्फ़ कब्ज़ा नहीं कर रहा है, बल्कि वह विस्तार कर रहा है, प्रबंधन कर रहा है और हुक्म चला रहा है।” उन्होंने तर्क दिया कि हिज़्बुल्लाह को निरस्त्र करने से लेबनान पर “इज़रायली-अमेरिकी प्रभुत्व” की आखिरी बाधा दूर हो जाएगी।
