माॅस्को, 19 जुलाई (वार्ता/शिन्हुआ) फ्रांस के प्रधानमंत्री फ्रेंकोइस बायरू ने देश के सार्वजनिक घाटे को कम करने के लिए उपायों की घोषणा की है लेकिन देश के अधिकांश नागरिक उनकी नीतियों से सहमत नहीं हैं और चाहते हैं कि वह अपना पद छोड़ दें।
आरटीएल प्रसारक के लिए इप्सोस बीवीए द्वारा किए गए एक नए सर्वेक्षण के अनुसार 50 प्रतिशत से अधिक नागरिक चाहते हैं कि श्री बायरू अपने पद से इस्तीफा दें।इस पोल में यह भी सामने आया है कि केवल 20 प्रतिशत फ्रांसीसी नागरिक ही उनकी नीतियों का समर्थन करते हैं।
आरटीएल द्वारा शुक्रवार को प्रकाशित सर्वेक्षण के अनुसार, केवल 20 प्रतिशत फ्रांसीसी नागरिक प्रधानमंत्री का समर्थन करते हैं जबकि 59 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि श्री बायरू इस्तीफा दें।सर्वेक्षण 16-17 जुलाई को हुआ जिसमें शामिल 1,000 से ज़्यादा लोगों में से 44 प्रतिशत लोग संसद भंग करने के पक्ष में थे और 34 प्रतिशत लोग अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में थे। वहीं सर्वेक्षण में शामिल 41 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे अविश्वास प्रस्ताव को लेकर चिंतित होंगे।
श्री बायरू ने कहा कि उनका लक्ष्य अगले साल फ्रांस के बजट घाटे को जीडीपी के 4.6 प्रतिशत तक कम करना है। मंगलवार को अगले वर्ष के लिए मसौदा बजट पेश करते हुए श्री बायरू ने कहा कि फ्रांस वर्ष 2026 में अपने सबसे धनी नागरिकों के लिए कर बढ़ाएगा और मुद्रास्फीति के आधार पर पेंशन एवं सामाजिक लाभों को समाप्त कर देगा।
प्रधानमंत्री की योजना देश के बजट घाटे को वर्ष 2029 तक यूरोपीय संघ की तीन प्रतिशत जीडीपी सीमा के नीचे लाने की है। इसके लिए उन्होंने 43.8 अरब यूरो की कटौती की योजना बनाई है, जिसमें सार्वजनिक खर्च में वृद्धि पर रोक लगाना और उच्च आय वालों पर “एकजुटता” कर लगाना शामिल है।
प्रधानमंत्री ने देश के स्वास्थ्य सेवा बजट में पांच अरब यूरो की कटौती करने की योजना की भी बात की और स्थानीय अधिकारियों के लिए 2026 में अपने खर्च से 5.3 अरब यूरो की कटौती करने की योजना बनाई। साथ ही उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी रक्षा मंत्रालय को अतिरिक्त रूप से 3.5 अरब यूरो प्राप्त होंगे।
श्री बायरू ने फ्रांस की 11 सार्वजनिक छुट्टियों में से दो को समाप्त करने का भी प्रस्ताव रखा तथा ईस्टर और यूरोप में विजय दिवस (आठ मई) को समाप्त करने की संभावित छुट्टियों के रूप में चिह्नित किया।
ली फिगारो समाचार पत्र के लिए ओडोक्सा-बैकबोन कंसल्टिंग द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, 87 प्रतिशत फ्रांसीसी लोगों का मानना है कि अगर श्री बायरू द्वारा प्रस्तावित बजट को अपनाया गया तो उनकी क्रय शक्ति कमजोर हो जाएगी और 77 प्रतिशत लोगों ने सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति में गिरावट की भविष्यवाणी की।
