मां नर्मदा के तट पर न्यायदान के लिए भगवान ने चुना : जस्टिस संजीव सचदेवा

मप्र हाईकोर्ट के 29 वें चीफ जस्टिस के रूप में ग्रहण किया पदभार

जबलपुर। मप्र हाई कोर्ट के 29 वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शुक्रवार को जस्टिस संजीव सचदेवा ने पदभार ग्रहण किया। गुरुवार को राजभवन में राज्यपाल से शपथ ग्रहण करने के बाद शुक्रवार की सुबह उनका जबलपुर आगमन हुआ। इस दौरान हाईकोर्ट परिसर में उन्हें गार्ड आफ ऑनर दिया गया। रजिस्ट्री के अधिकारियों -कर्मचारियों ने भावभीना स्वागत किया। इसके बाद साढ़े 10 बजे कोर्ट रूम नंबर एक में उनके सम्मान में गरिमामय कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश सचदेवा ने कहा कि मां यमुना के तट पर स्थित नई दिल्ली हाईकोर्ट से मां नर्मदा के तट जबलपुर में स्थित मप्र हाईकोर्ट पहुंचा हूं। महाकाल भगवान के आशीर्वाद से न्यायदान का महत्वपूर्ण दायित्व मिला है, जिसे पूरी ईमानदारी व निष्ठा से निभाने कृत-संकल्प हूं।

चीफ जस्टिस श्री सचदेवा ने कहा कि बार और बेंच न्याय रथ के दो समानांतर पहिए हैं, जिनके समन्वय से ही न्यायदान प्रक्रिया अपेक्षाकृत बेहतर गति पकड़ती है। जाहिर तौर पर बार ही बेंच की जननी है और एक मजबूत बार ही मजबूर बेंच का आधार बनती है। उन्होंने कहा कि मप्र हाई कोर्ट में वर्तमान में कई चुनौतियां हैं। इनमें से सर्वाधिक बड़ी चुनौती चार लाख से अधिक लंबित मुकदमों का भारी बोझ है, जिसे कम करने के लिए बार और बेंच को मिलकर साझा प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं को कनिष्ठ अधिवक्ताओं को अपने अनुभव से लाभांवित करते रहना चाहिए। इसके साथ ही बार की ओर से समय-समय पर विभिन्न कार्यशालाओं आदि का आयोजन होते रहना चाहिये, जिनसे नवागत सहित अन्य वकीलों के ज्ञान का क्षितिज विस्तारित होता रहे। वे अपेक्षाकृत कुशलता से कोर्ट में पक्षकार की ओर से बहस कर सकें।

 

जस्टिस श्रीधरन ने दिया स्वागत भाषण-

हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश अतुल श्रीधरन ने प्रारंभ में स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। इसके बाद क्रमश: महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, स्टेट बार चेयरमैन राधेलाल गुप्ता, हाईकोर्ट बार अध्यक्ष धन्य कुमार जैन, हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार अध्यक्ष संजय अग्रवाल, सीनियर एडवोकेट्स काउंसिल के महासचिव आदित्य अधिकारी ने सीजे सचदेवा के व्यक्तित्व- कृतित्व को रेखांकित किया। हाईकोर्ट बार अध्यक्ष डीके जैन ने क्रिमनल मामलों की सुनवाई में आ रही परेशानी का उल्लेख करते हुए अधिक बेंच गठित करने पर बल दिया। साथ ही अधिवक्ताओं के लिए भोजन स्थल की सुविधा दिए जाने की मांग की। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा, स्टेट बार के वाइस चेयरमैन आरके सिंह सैनी, इंदौर व ग्वालियर के सभी न्यायाधीश और अधिवक्ता संघों के पदाधिकारी व काफी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे।

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