भिंड: भिंड जिले में जब एक यादव परिवार ने त्रयोदशी भोज में ब्राह्मणों को आमंत्रित किया तो यादव समाज की पंचायत ने भोज का बहिष्कार कर दिया। भिंड जिले में यादव समाज के लोगों ने फैसला किया कि ब्राह्मणों से कर्मकांड नहीं कराएंगे। यदि कोई यादव परिवार ब्राह्मणों से पूजा कराता है तो उसका समाज से बहिष्कार किया जाएगा। पंचायत में यादव समाज के लोग शामिल हुए।पंचायत में तय हुआ कि समाज के युवा से ही कराएंगे कर्मकांड।
जिले के मौ कस्बे में रहने वाले कमल यादव की मां रामदेवी का निधन हो गया था। परिवार ने शांति भोज रखा गया, जिसमें 13 ब्राह्मणों को भोज कराने की व्यवस्था की गई। इससे पहले पंचायत हुई। तय हुआ कि अब समाज के युवाओं से ही कर्मकांड कराएंगे। जब समाज के लोगों को कमल यादव के यहां के भोज का पता चला तो उन्होंने इसका बहिष्कार कर दिया।
कमल यादव ने समाज के फैसले को मानने से इनकार करते हुए कहा, मैं कुल पुरोहित से ही अंतिम संस्कार कराता आया हूं। मैंने भोज की तैयारी पहले ही कर ली थी। पंचायत की जानकारी मुझे नहीं दी गई। पंचायत में मौजूद रहे पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने यादव कथावाचकों का अपमान किया है। भिंड के बड़ेरा गांव में उत्तर प्रदेश की कथावाचक राधा यादव की भागवत कथा का आयोजन 4 जुलाई से होना था। स्थानीय ब्राह्मणों ने इसका विरोध किया था। इसके बाद राधा यादव को कथा कैंसिल करने की जानकारी दी गई। इसलिए त्रयोदशी का बहिष्कार किया गया।
