सांसद ने किया पैडी ट्रांसप्लांटर से धान रोपाई का अवलोकन

जबलपुर: लोकसभा सांसद आशीष दुबे ने गुरुवार को विकास खंड पाटन के ग्राम दिघौरा में पहुंचकर कृषक कुशाग्र पलहा के खेत में पैडी ट्रांसप्लांटर से हो रही रोपाई का अवलोकन किया साथ ही उन्होंने स्वयं मशीन चलाकर मशीन का निरीक्षण किया। कृषक कुशाग्र पल्हा के खेत में हो रही रोपाई के दौरान पैड़ी ट्रांसप्लांटर के निरीक्षण हेतु उपसंचालक कृषि डॉक्टर एस के निगम ने जिले के सांसद को आमंत्रित किया था। सांसद से चर्चा के दौरान डॉक्टर एस के निगम ने बताया की इस मशीन की कुल लागत 14 लाख 40, 000 रुपए कीमत है, जिस पर विभाग द्वारा ₹50, 0000 का अनुदान दिया जाता है, कुशाग्र पल्हा ने भी इस योजना का लाभ लिया है।

किसान कुशाग्र जो कि शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग में स्नातक है और पिछले 06 वर्षो से खेती कर रहे है ने सांसद को अवगत कराया कि रोपाई के लिए पहले हमें नर्सरी तैयार करना पड़ता है। एक एकड़ के लिए 10 नर्सरी प्लेट एवं प्रत्येक प्लेट में 1.5 किलो बीज की आवश्यकता होती है। इन प्लेटो को तैयार करने के लिए नर्सरी बेड में पहले पोलीथिन बिछाई जाती है, उस पर फर्में की सहायता से प्लेट तैयार की जाती है।

नर्सरी के लिए भुर-भुरी मिट्टी जिसमे एक भी पत्थर कंकड़ ना हो, को डाला जाता है। उसके बाद बीज डालते है, बीज के ऊपर हलकी मिट्टी डाली जाती है | 16 दिन में नर्सरी तैयार हो जाती है | किसान ने बताया कि वर्तमान समय में मजदूरों की बहुत अधिक समस्या है, जिससे धान रोपाई का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते एक एकड़ में रोपाई करने में लगभग 7000 से ₹8000 खर्च होते हैं, जबकि इस मशीन द्वारा एक एकड़ में रोपाई का खर्च 1500 से 1600 रुपए के बीच आता है। साथ ही उन्होंने बताया की यह मशीन एक दिन में 8 एकड़ खेत की रोपाई करने में सक्षम है।

अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉक्टर इंदिरा त्रिपाठी ने सांसद को अवगत कराया कि इस मशीन को प्राप्त करने के लिए किसान ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर अपना आवेदन कर सकते हैं, इसके लिए आवश्यक दस्तावेज कृषक की खतोनी, बी 1की प्रति, आधारकार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नं. है। जिले में लगभग 65 पेडी ट्रांसप्लान्टर मशीन उपलब्ध है जिसमे सबसे ज्यादा मशीन पाटन विकासखंड में उपलब्ध है। सांसद ने जिले के उपसंचालक कृषि डॉक्टर एस के निगम से इस तरह के जीवान्त प्रदर्शन जिले के अन्य कृषको भी दिखाने कहा जिससे अन्य कृषक भी इस तरह की नई तकनीकी को समझ एवं जान सकेंगे | इस दौरान जिले के उपसंचालक कृषि डॉ. एस.के.निगम, अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉक्टर इंदिरा त्रिपाठी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पंकज श्रीवास्तव, कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती अंकित गुप्ता, देवानंद सिंह, हरीश बर्वे के साथ बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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