मुंबई, 17 जुलाई (वार्ता) फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पावेल के बारे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद अन्य एशियाई बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजारों में भी गुरुवार को गिरावट देखी गई।
दो दिन की तेजी के बाद बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 0.45 प्रतिशत टूट गया। यह 375.24 अंक नीचे 82,259.24 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 100.60 अंक लुढ़ककर 25,111.45 अंक पर रहा जो 0.40 प्रतिशत की गिरावट है।
सुबह के कारोबार में बाजार हरे निशान में खुले थे, लेकिन कुछ ही देर बाद गिरावट में चले गये। दोपहर बाद बाजार की गिरावट बढ़ती गई।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने पावेल की जमकर आलोचना की है। इससे पावेल के भविष्य और फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर बाजार में अनिश्चितता है। इससे आज एशियाई बाजारों में निवेशक बिकवाल रहे। इसके अलावा ट्रंप ने यह भी कहा है कि भारत को लेकर टैरिफ के बारे में जल्द फैसला संभव है। इससे भी निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं।
शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली के बीच सेंसेक्स की 30 में से 23 कंपनियां लाल निशान में रहीं। टेक्नोलॉजी कंपनियों टेक मिहिंद्रा, इंफोसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। टाटा स्टील का शेयर सबसे अधिक 1.62 प्रतिशत चढ़ा।
एनएसई के ज्यादा शेयरों वाले सूचकांक भी दबाव में रहे। निफ्टी-100 में 0.37 प्रतिशत, निफ्टी मिडकैप-100 में 0.17 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप-100 में 0.12 प्रतिशत की गिरावट रही।
एनएसई में रियलिटी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, स्वास्थ्य, धातु, फार्मा और एफएमसीजी सेक्टरों में निवेशकों ने पैसा लगाया। वहीं, आईटी, ऑटो, वित्तीय सेवाओं, पीएसयू बैंक, निजी बैंक और तेल एवं गैस सेक्टरों के शेयरों में गिरावट रही।

