जबलपुर: जिले में धान अफरा तफरी मामले को लेकर एक नया मोड़ सामने आया है, जिसमें नागरिक आपूर्ति निगम ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर मिलर द्वारा जमा किए गए चावल की जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार 10 जुलाई को जिला प्रशासन द्वारा जिन 16 राइस मिलर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया हुआ था, उसको लेकर आपूर्ति निगम द्वारा एक नया आदेश जारी किया गया है। जिसमें प्रदेश मुख्यालय द्वारा एक तीन सदस्य टीम का गठन किया गया है, जो कि उक्त 16 राइस मिलों के द्वारा जमा करे गए चावल की क्वालिटी और उसकी उम्र का परीक्षण करेगी।
इनको सौंपी है जांच की कमान
राइस मिलर द्वारा जमा किए गए चावल की जांच के लिए नागरिक आपूर्ति निगम के महाप्रबंधक द्वारा आपूर्ति निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक एल अहिरवार, मुख्यालय के गुणवत्ता नियंत्रक सैयद मोहम्मद और गुणवत्ता निरीक्षक मोहम्मद शकील को जिम्मेदारी दी है, जो की 3 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट मुख्यालय में प्रस्तुत करेंगे।
पुराना चावल जमा करने का है आरोप
मामले में जो 16 राइस मिलर के ऊपर एफआईआर दर्ज की गई है, उसमें करोड़ों रुपए की अफरा तफरी की बात कही गई है। लेकिन राइस मिलरो का कहना है कि उनके द्वारा उक्त धान के एवज में पूरा चावल जमा कर दिया गया है। जिसमें पुराना चावल जमा होने की बात कही जा रही है। अब जांच के बाद वास्तविकता सामने आ जाएगी है। हालांकि इस पूरे मामले में जहां जिला प्रशासन का रुख सख्त है, वहीं आपूर्ति निगम पेनल्टी या अन्य माध्यमों से सजा का मन बना रही है। क्योंकि उनकी प्राथमिकता धान को खराब होने से बचाना और समय पर मिलान करना है।
