सिंगरौली:राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार की दिशा में एक अहम कदम “बैग-लेस डे” के रूप में देखा जा रहा है। इसी क्रम में केन्द्रीय विद्यालय जयंत में कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए “बैग-लेस डे” का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों को पाठ्यपुस्तकों से हटकर जीवनोपयोगी कौशल (Life Skills) सीखने का अवसर मिला। विद्यालय के छात्रों ने इस अवसर पर मिट्टी से बर्तन बनाने की पारंपरिक कला सीखी।
इस गतिविधि का उद्देश्य छात्रों में रचनात्मकता, धैर्य, और कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना था। कला शिक्षक अशोक कुमार एवं कार्यानुभव शिक्षिका श्रीमती परिज्ञा सिंह के मार्गदर्शन में बच्चों ने विभिन्न प्रकार के मिट्टी के बर्तन जैसे कुल्हड़, दीये, सुराही आदि बनाना सीखा।बच्चों ने इस गतिविधि में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए सुंदर-सुंदर बर्तन बनाए।
कार्यक्रम की सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य मुकेश सिंह भदौरिया ने बच्चों की सराहना की और कहा कि “बैग-लेस डे” के माध्यम से छात्रों को किताबी ज्ञान से परे जीवन के अन्य पहलुओं को जानने व समझने का अवसर मिलता है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास संभव होता है।”इस आयोजन ने विद्यालय के शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया और यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक समग्र अनुभव है जिसमें कौशल विकास भी उतना ही आवश्यक है।
