
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जुलाई को बिहार से जारी कर सकते हैं ₹2000 की किस्त; e-KYC और बैंक अकाउंट अपडेट करना जरूरी
नई दिल्ली, 17 जुलाई, 2025 – देश के करोड़ों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 20वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब उनका यह इंतजार खत्म होने वाला है! मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम-किसान योजना की 20वीं किस्त 18 जुलाई, 2025 को जारी होने की प्रबल संभावना है। ऐसी खबरें हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के मोतिहारी से एक बड़े कार्यक्रम के दौरान 9.8 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹2,000 की राशि सीधे हस्तांतरित कर सकते हैं।
पीएम-किसान योजना के तहत, पात्र किसानों को प्रति वर्ष ₹6,000 की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों (प्रत्येक ₹2,000) में प्रदान की जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) मोड के माध्यम से भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित होती है। हालांकि, किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके सभी आवश्यक विवरण अपडेटेड हों, ताकि भुगतान में कोई देरी न हो।
भुगतान में देरी से बचने के लिए तुरंत करें ये काम: e-KYC और आधार-बैंक लिंक है सबसे महत्वपूर्ण
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी 20वीं किस्त बिना किसी बाधा के प्राप्त करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कार्य तत्काल पूरे कर लें। सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण, लाभार्थियों को अपना e-KYC पूरा करना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर आसानी से की जा सकती है, जिसमें आधार नंबर और ओटीपी सत्यापन शामिल है। दूसरा, यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि आपका आधार कार्ड आपके बैंक खाते से लिंक हो। यदि यह लिंक नहीं है, तो नजदीकी बैंक शाखा में जाकर इसे तुरंत करवा लें।
इसके अलावा, किसान यह भी सुनिश्चित करें कि पीएम-किसान योजना के रिकॉर्ड में दर्ज उनके बैंक खाते की जानकारी सही हो और यदि कोई पुराना बैंक खाता बंद हो गया है, तो उसे तत्काल नया बैंक खाता नंबर अपडेट करके बदलवा लें। इन सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने से यह सुनिश्चित होगा कि 20वीं किस्त बिना किसी रुकावट के सीधे उनके खातों में जमा हो जाए। सरकार का यह कदम किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने और कृषि इनपुट तथा घरेलू खर्चों में उनकी मदद करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल है।
