
नर्मदानगर। इस सीजन में पहली बार इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांधलबालब हो गए हैं। जल्द ही बरगी से अधिक पानी आने पर इसके गेट खोले जा सकते हैं। बहरहाल हंडिया की तरफ से पानी का स्रोत तेजी से बढ़ रहा है। इंदिरा सागर में बिजली बनाकर भी काफी पानी रिलीज किया जा रहा है। जिससे निचले स्तर पर आने वाले ओंकारेश्वर बांध में भी अधिक पानी पहुंच रहा है। वहां भी बिजली फुल स्पीड से बनाई जा रही है।
यदि पानी अधिक मात्रा में आया तो 24 घंटे में इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध दोनों के गेट खोले जा सकते हैं। यह दृश्य भी मनोरम होगा और देखने वाले पर्यटक दोनों पर जुटेंगे। बांधों के सुरक्षा विभागों ने सतर्कता बरतकर लोगों को रोकना भी शुरू कर दिया है।
बुधवार शाम लबलाब
हो गया इंदिरा सागर
इंदिरा सागर पावर स्टेशन पर बांध का जलस्तर बुधवार देर शाम तक 257.95 मी हो गया है। 8 जुलाई से आज तक करीब 6.50 मीटर से अधिकजल स्तर बढ़ा है । बरगी बांध से छोड़े गए पानी से इंदिरा सागर बांध को जल भराव क्षमता में वृद्धि हुई है।
8 टरबाइन बना रहीं बिजली
इंदिरा सागर बांध के पावर स्टेशन से सभी आठ टरबाइन चलकर 1840 घन मीटर पानी छोड़ा जा रहा है। इंदिरा सागर बांध के जुलाई माह में जल स्तर 258 मीटर रखने का प्रावधान है । हंडिया तरफ से डिस्चार्ज घटने के बाद बिजली बनकर ही पानी का डिस्चार्ज हो जाएगा।
बरगी के पांच गेट खोले
बरगी बांध से बुधवार शाम जानकारी के अनुसार पांच गेट खोलकर आधा-आधा मी गेट खुले हैं, जिससे करीब 500 क्यूमैक्स पानी का डिस्चार्ज है। हंडिया तरफ से 24 घंटे में पानी का डिस्चार्ज घट के आज शाम तक 2900 क्यू मैक्स रह गया है। अर्थात 24 घंटे में हंडिया से डिस्चार्ज करीब 1000 क्यूमेक्स घटा है।
