रेलवे और नहर के बीच फंसे डेढ़ दर्जन घर, जोखिम के बीच स्कूल जाते हैं नौनिहाल

सीधी। निर्माणाधीन रेलवे लाईन और नहर के बीच फंसे करीब डेढ़ दर्जन घरों के रहवासियों का आवागमन अवरूद्ध हो चुका है। रीवा-सिंगरौली की निर्माणाधीन नवीन रेल लाइन एवं महान नहर के बीच ग्राम पंचायत कोठार के करीब डेढ़ दर्जन घरों की आबादी बरसात में आवागवन की समस्या से जुझने को मजबूर है।

तत्संबंध में प्रभावित ग्रामीणों द्वारा पिछले वर्ष सीधी सांसद एवं सीधी विधायक से फरियाद की गई थी। जिस पर दोनो जनप्रतिनिधियों द्वारा तत्परता दिखाते हुए कलेक्टर सीधी को पत्र जारी किया गया। फिर भी प्रशासनिक सुस्ती के चलते अभी तक प्रभावित लोगों के लिए नहर में पुल का निर्माण न होने से बरसात के दिनों में नौनिहाल बच्चों को नहर के पानी के बीच से होकर शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला मिशिरगवां पठन-पाठन के लिए जाने की मजबूरी बनी हुई है। तत्संबंध में कोठार निवासी आशीष तिवारी, सुनील तिवारी, सुधीश तिवारी, अमन तिवारी, पंकज तिवारी, रवि तिवारी, राजकुमार तिवारी, रामदयाल कोरी, मझिला कोरी, छोटू कोरी आदि ने बताया कि बच्चों को स्कूल छोंडऩे एवं स्कूल से आने पर नहर के पानी के बीच से निकालने के लिए घर के लोग समूचा काम छोडकऱ लगे रहते हैं।

प्रभावित ग्रामीणों का कहना था कि सांसद, विधायक, कलेक्टर द्वारा इस मामले में सहानुभूति पूर्वक आवश्यक पहल की गई है फिर भी अभी तक नहर के ऊपर पुल का निर्माण न होने से आवागवन बाधित है। रात में बरसात के दिनों में बाहर से घर आने-जाने में लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर से यदि किसी की तबियत बिगड़ गई तो अस्पताल तक लाने के लिए नहर के पानी के बीच से निकालने में और भी ज्यादा समस्याएं होती हैं। उस दौरान कई लोगों को मरीज को नहर के पानी से निकालने के लिए आना पड़ता है। प्रभावित ग्रामीणों का कहना था कि पिछले साल से उनके द्वारा नहर में पुल बनाने की मांग सभी संबंधित लोगों के समक्ष रखी गई थी। उनकी आस थी कि बरसात के पूर्व नहर के ऊपर पुल का निर्माण हो जाएगा। लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के चलते नहर के ऊपर पुल का निर्माण कार्य नहीं हो सका। ऐसे में वह चाहते हैं कि नहर के ऊपर पुल बनाने के कार्य को प्राथमिकता में लेकर प्रशासन द्वारा आवश्यक पहल की जाए। जिससे उनकी समस्या का स्थाई निदान हो सके। ग्राम पंचायत की महिला सरपंच के द्वारा भी लोगों की समस्या के निदान के लिए अपने स्तर से सभी प्रयास किए जा रहे हैं। यदि इसमें संंबंधित अधिकारियों का सहयोग मिल जाए तो पुल निर्माण की राह प्रशस्त हो जाए।

सांसद और विधायक लिखे चुके हैं पत्र

सीधी सांसद डॉ.राजेश मिश्रा द्वारा ग्राम कोठार के लोगों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्संबंध में कलेक्टर सीधी को 4 जुलाई 2025 को संबंधित क्षेत्र का स्थल परीक्षण कराकर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया था। वहीं सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक द्वारा उक्त समस्या पर विगत 23 फरवरी 2024 को पत्र क्रमांक 191 के माध्यम से कलेक्टर सीधी को ग्राम पंचायत कोठार नहर में सडक़ एवं पुलिया निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने के संबंध में पत्र लिखा गया था। साथ ही सीधी विधायक द्वारा पत्र क्रमांक 192, दिनांक 23 फरवरी 2024 को पत्र जारी कर जल संसाधन विभाग सीधी के कार्यपालन यंत्री को नहर में सडक़ एवं पुलिया निर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाणपत्र प्रदान करने के निर्देश दिए गए थे। जल संसाधन विभाग की ओर से निर्माण कार्य के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया है। अब केवल जिला पंचायत सीधी से निर्माण कार्यों के लिए मंजूरी मिल जाती है तो संबंधित ग्रामीणों की समस्या के निदान के लिए निर्माण कार्य शुरू हो जाए। जनपद पंचायत सीधी अंतर्गत ग्राम पंचायत कोठार के प्रभावित ग्रामीण नहर में पुल एवं सडक़निर्माण को लेकर पिछले वर्ष से अपनी मांगों को लेकर जन प्रतिनिधियों के साथ ही कलेक्टर के समक्ष भी अपनी फरियाद कर चुके हैं। उनके प्रयासों से अब समस्या के निदान के लिए जिला पंचायत सीधी की मंजूरी जल्द से जल्द मिलना आवश्यक है।

इनका कहना है

निर्माणाधीन रेल लाइन एवं महान नहर के बीच में करीब डेढ़ दर्जन घरों की आबादी फंसी हुई है। यहां आवागवन को लेकर भारी दिक्कतें हैं। उक्त समस्या को लेकर मैं स्वयं सीधी विधायक, सांसद, कलेक्टर, एसडीएम से मिली हूं। सभी का सहयोगात्मक रुख रहा है। नहर में पुल निर्माण के लिए जल संसाधन विभाग सीधी से एनओसी भी मिल चुकी है। अब केवल जिला पंचायत से कार्य की मंजूरी मिलनी शेष है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

सुनीता आनंद सिंह, सरपंच कोठार

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