
इंदौर. शहर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है. मामले में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी के भाई गोविंद रघुवंशी द्वारा लगातार मीडिया में दिए गए बयानों की सच्चाई अब खुद ही सवालों के घेरे में आ गई है. गोविंद ने छह दिन पहले दावा किया था कि उसकी बहन सोनम से अब तक उसकी कोई बातचीत नहीं हुई है और मीडिया में चल रही खबरें “झूठ” हैं, लेकिन अब जेल प्रशासन की पुष्टि ने गोविंद के दावों की पोल खोल दी है.
बुधवार 16 जुलाई को दोपहर 2:12 बजे शिलांग जेल अधिकारी रॉबर्ट और एक स्थानीय पत्रकार के बीच हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है, जिसमें अधिकारी साफ तौर पर स्वीकार कर रहा है कि राजा रघुवंशी हत्याकांड के सभी आरोपी हफ्ते में एक दिन अपने परिजनों से फोन पर बात कर सकते हैं. यानी, गोविंद का यह दावा कि “सोनम से कोई संपर्क नहीं हुआ”, अब पूरी तरह झूठ साबित हो रहा है. सूत्रों के अनुसार, गोविंद रघुवंशी इस पूरे मामले में पर्दे के पीछे से अपनी बहन को बचाने की पटकथा लिख रहा है. उसने पहले शिलांग पुलिस को बहन से मिलने के लिए आवेदन देने की बात कही, फिर मीडिया से दूरी बना ली. अब खबर यह भी है कि गोविंद ने देश के नामी वकीलों से राय लेकर अपनी बहन को बचाने की कानूनी तैयारी शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि गोविंद ने केस में सह-आरोपियों विशाल, राज, आकाश और आनंद के परिवारों को भी विश्वास में लिया है और उन्हें यह प्रस्ताव दिया है कि उनके वकीलों की फीस वह खुद देगा. इसके पीछे की मंशा यही मानी जा रही है कि वह केस की पूरी रणनीति को अपने हाथ में लेकर बाकी आरोपियों को दोषी और सोनम को बेकसूर साबित कर सके. राजा रघुवंशी हत्याकांड की गुत्थी जितनी खुलती जा रही है, उतने ही नए सवाल खड़े हो रहे हैं. गोविंद रघुवंशी की कथनी और करनी के बीच का अंतर अब जांच एजेंसियों और कोर्ट की नजर में भी आने लगा है. अब देखना यह है कि शिलांग पुलिस द्वारा चालान पेश किए जाने के बाद गोविंद अपनी बहन को बचाने के लिए किस हद तक जाता है.
न्यायालय के लिए गढ़ी जा रही कहानी
सूत्रों का यह भी दावा है कि गोविंद कोर्ट में यह कहानी पेश करने की तैयारी में है कि राजा रघुवंशी की हत्या एकतरफा प्रेम का नतीजा थी, जिसमें उसकी बहन का कोई हाथ नहीं था. प्लानिंग राज और उसके साथियों ने की, सोनम को इसकी भनक तक नहीं थी यही स्क्रिप्ट कोर्ट के सामने रखी जाएगी.
मीडिया से दूरी, रिश्तेदारों को निर्देश
गोविंद अब मीडिया को भी नियंत्रित करने की कोशिश में जुट गया है. उसके कुछ करीबी रिश्तेदारों ने बताया कि वह कह चुका है “जब तक मैं नहीं चाहूं, तब तक कोई मीडिया वाला हमारे घर नहीं आएगा.” यह सख्ती तब और स्पष्ट हो गई जब कुछ दिन पहले गोविंद के पिता ने मीडिया के सामने कुछ उलझे-बुझले बयान दिए, जिससे परिवार की किरकिरी हो गई.
