जबलपुर: राइस मिलर के ऊपर हुई कार्यवाही को लेकर हो रोजाना ही माहौल गरमाया हुआ है। विगत दिवस राइस मिलर ने पत्रकार वार्ता में आयोजित कर अपना पक्ष रखा था। वहीं राइस मिलर ने कलेक्टर दीपक सक्सेना से मुलाकात की है, जिसमें कलेक्टर ने राइस मिलर को अपनी बात रखने के लिए शनिवार और रविवार का समय दिया है। जानकारी के अनुसार राइस मिलर्स द्वारा उनके विरूद्ध की गई कार्यवाही के संबंध में कलेक्टर दीपक सक्सेना से मुलाकात की।
इस दौरान कलेक्टर ने राइस मिलर्स की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए कहा कि शासन के निर्देश पर जो जांच हुई है वह पूर्णत: निरपेक्ष ढंग से हुई है। उक्त जांच के परिप्रेक्ष्य में जो कार्रवाई की गई है वह तर्क पूर्ण एवं न्याय संगत आधार पर की गई है। इसके बावजूद यदि किसी मिलर्स को कुछ कहना है, तो वह अपनी बात रख सकता है। इस संबंध में उन्होंने कहा कि जो मिलर्स उक्त जांच अथवा कार्रवाई के संबंध में अपनी बात रखना चाहते है वह शनिवार एवं रविवार को परीक्षण दल के समक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रख सकते है। जिस पर आवश्यकतानुसार विधिसम्मत ढंग से विचार किया जा सकेगा।
ये है मामला
उल्लेखनीय है कि जांच दल द्वारा जांच करके कुल 2, 45, 400 क्विंटल धान का प्रतिवेदन सौंपा गया था। जिसमें पाया गया कि 1, 87, 026 क्विंटल धान को परिवहन करके अफरातफरी कर दी गई है।जिसके बाद जिला प्रशासन की जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने नान डीएम समेत 16 राइस मिलर्स, 12 अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जबकि 27 मिलर के ऊपर विभागीय जांच होना है।
प्रशासन ने नंबर बताए फर्जी, मिलर ने बताया ऑपरेटर की गलती जिसमें प्रशासनिक जांच में उक्त राइस मिलर द्वारा मिलिंग के लिए सोसाइटी, उपार्जन केंद्र और वेयर हाउस से लगभग 11, 09, 600 क्विटल धान का उठाव ट्रकों के माध्यम से किया गया। जांच प्रतिवेदन के अनुसार धान चालान में दर्ज ट्रकों के रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच करने पर पाया गया कि धान चालान में उल्लेखित वाहन ट्रक ना होकर कार अथवा अन्य श्रेणी के वाहनों के रूप में रजिस्टर्ड है।
