आज खुले टेस्ला के पहले भारतीय शोरूम के बावजूद टाटा मोटर्स पर खास दबाव नहीं; Q1FY26 के निराशाजनक नतीजों से तेजस नेटवर्क 8% से अधिक लुढ़का, वहीं मजबूत नतीजों से रैलिस इंडिया 7% तक चढ़ा।
मुंबई, 15 जुलाई, 2025 (नवभारत): भारतीय शेयर बाजार में आज टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों ने मिला-जुला प्रदर्शन किया। एक ओर जहां टेलीकॉम उपकरण बनाने वाली कंपनी तेजस नेटवर्क को तिमाही नतीजों के चलते भारी गिरावट का सामना करना पड़ा, वहीं कृषि-रसायन क्षेत्र की दिग्गज रैलिस इंडिया ने शानदार प्रदर्शन किया। इन सबके बीच, इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में वैश्विक खिलाड़ी टेस्ला की भारत में एंट्री के बावजूद टाटा मोटर्स के शेयरों पर कोई बड़ा नकारात्मक दबाव देखने को नहीं मिला, क्योंकि टेस्ला ने प्रीमियम सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित किया है, जहाँ टाटा मोटर्स की सीधी प्रतिस्पर्धा फिलहाल नहीं है।
आज के कारोबार में, टाटा समूह की कंपनी तेजस नेटवर्क के शेयर 8% से अधिक टूट गए, कुछ समय के लिए यह गिरावट 10% तक भी पहुंची, जिससे शेयर 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया। यह भारी गिरावट कंपनी द्वारा घोषित निराशाजनक पहली तिमाही (Q1 FY26) के नतीजों के कारण हुई। कंपनी ने ₹194 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष इसी तिमाही में हुए मुनाफे के विपरीत है। कंपनी ने अपने राजस्व में भी 87% की भारी गिरावट दर्ज की, जिसका मुख्य कारण बीएसएनएल सहित कई ग्राहकों से खरीद आदेशों में देरी और शिपमेंट संबंधी चुनौतियां बताई गई हैं। इसके ठीक उलट, कृषि रसायन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रैलिस इंडिया के शेयरों में आज 7% तक का जबरदस्त उछाल देखा गया। यह तेजी कंपनी द्वारा घोषित मजबूत Q1 FY26 नतीजों का परिणाम है, जहां रैलिस इंडिया का शुद्ध लाभ लगभग दोगुना होकर ₹95 करोड़ हो गया है, और राजस्व में भी 22% की वृद्धि दर्ज की गई है।
टेस्ला का भारत में प्रवेश और टाटा मोटर्स की स्थिति: कीमत-आधारित प्रतिस्पर्धा में फिलहाल कोई टकराव नहीं
आज मुंबई में टेस्ला के पहले शोरूम के उद्घाटन और मॉडल Y की ₹59.89 लाख से शुरू होने वाली कीमतों की घोषणा के बावजूद, भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार की अग्रणी कंपनी टाटा मोटर्स के शेयरों पर सीधा और बड़ा नकारात्मक प्रभाव देखने को नहीं मिला।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि टेस्ला ने अपनी ऊंची कीमत वाले मॉडल Y के साथ भारत के लग्जरी इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में प्रवेश किया है, जो सीधे तौर पर बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज-बेंज जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा। वहीं, टाटा मोटर्स ने नेक्सन ईवी और टियागो ईवी जैसे किफायती और मध्यम-श्रेणी के इलेक्ट्रिक वाहनों पर ध्यान केंद्रित किया है, जो भारतीय बाजार के बड़े उपभोक्ता वर्ग की मांग को पूरा करते हैं। इस प्रकार, मूल्य-आधारित प्रतिस्पर्धा में फिलहाल टेस्ला और टाटा मोटर्स के बीच कोई सीधा टकराव नहीं है, जिससे टाटा मोटर्स के शेयर अपेक्षाकृत स्थिर बने हुए हैं। निवेशक अब टाटा समूह की कंपनियों के आगामी प्रदर्शन और बाजार की समग्र दिशा पर करीबी नजर रखेंगे।

