‘टर्बनडो टॉरनैडो’ फाउजा सिंह का दुखद निधन: 114 वर्षीय मैराथन धावक सड़क दुर्घटना के शिकार, प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गहरा शोक, एक युग का अंत

उम्र के शतक पार करने के बाद भी दौड़ने वाले प्रेरणास्रोत ने ली अंतिम सांसें; पीएम ने बताया ‘असाधारण जीवटता और दृढ़ संकल्प’ का प्रतीक, खेल जगत में शोक की लहर।

नई दिल्ली, 15 जुलाई, 2025 (नवभारत): ‘टर्बनडो टॉरनैडो’ के नाम से विश्व विख्यात और उम्र को मात देने वाले 114 वर्षीय मैराथन धावक फाउजा सिंह का आज एक दुखद सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे देश और अंतरराष्ट्रीय खेल समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें ‘असाधारण जीवटता और दृढ़ संकल्प’ का प्रतीक बताया। फाउजा सिंह ने अपनी अद्भुत सहनशक्ति और जज्बे से दुनिया भर के लाखों लोगों को प्रेरित किया था, और उनके निधन को एक युग का अंत माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना आज सुबह उस वक्त हुई जब फाउजा सिंह अपनी सुबह की सैर के बाद लौट रहे थे। एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा, “फाउजा सिंह जी के निधन से गहरा दुख हुआ। वे असाधारण जीवटता, दृढ़ संकल्प और फिटनेस के प्रतीक थे। उनकी मैराथन की कहानियों ने अनगिनत लोगों को प्रेरित किया। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।” फाउजा सिंह ने 100 वर्ष से अधिक की आयु में भी कई मैराथन पूरी करके विश्व रिकॉर्ड बनाए थे, जिससे उन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी जगह मिली थी।

उम्र को मात देने वाले ‘सुपरसेंचुरीयन’, युवाओं के लिए बने थे प्रेरणा; विरासत बनी रहेगी

फाउजा सिंह, जिन्होंने अपनी ‘सुपरसेंचुरीयन’ उम्र में भी कई मैराथन पूरी कीं, युवाओं और बुजुर्गों सभी के लिए एक प्रेरणास्रोत थे।

उनका जीवन इस बात का प्रमाण था कि इच्छाशक्ति और दृढ़ता से किसी भी उम्र में बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। वे अक्सर यह कहते थे कि ‘खुश रहने और सक्रिय रहने के लिए कोई उम्र नहीं होती’। उनका निधन निश्चित रूप से शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवन शैली के महत्व पर उनकी शिक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए एक अनुस्मारक है। खेल जगत और उनके प्रशंसक उनकी विरासत को हमेशा याद रखेंगे, और उनके जीवन की कहानियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।

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