सीहोर. अपने ही दोस्त की पत्नी के साथ बुदनी के जंगल में दुष्कर्म करने और लूट के मामले में विशेष न्यायाधीश हेमंत जोशी ने तीन आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 31-31 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है. मामले में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक एनएस मेवाड़ा ने की.
आरोपियों ने महिला को उसके पति की जेल से रिहाई के बहाने होशंगाबाद बुलाया था, जब रिहाई नहीं हुई और वह वापस अपने गांव जाने लगी तो रास्ते से लेने पहुंचा युवक उसे जंगल में ले गया और तीन बदमाशों ने दुष्कर्म किया. यही नहीं महिला के साथ मारपीट कर लूट की वारदात को भी अंजाम दिया. पीडि़ता ने 4 मार्च 2023 को बुदनी थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी उसका पति होशंगाबाद जेल में बंद था. उसके पति के दोस्त शाका उर्फ मोईन खान निवासी वनखेड़ी जिला नर्मदापुरम ने उसे फोन किया कि उसके पति की रिहाई हो रही है वह नर्मदापुर आ जाए. दूसरे दिन 4 मार्च 23 को वह नर्मदापुरम जेल के बाहर दिन भर इंतजार करती रही, लेकिन उसके पति की रिहाई नहीं हुई. फिर शाका का फोन आया कि रात 8 बजे तक रिहाई होगी तुम बुदनी में उसकी बहन के यहां जाकर रुक जाओ. जब वह बस में बैठकर जाने लगी तो फिर से शाका ने फोन करके कहा कि रिहाई हो रही है तुम उतर जाओ. इसके बाद बुदनी पुल पर शाका ने एक लड़के को बाइक से उसे लेने के लिए भेजा, जो उसे बुदनी के जंगल में ले गया. यहां शाका उर्फ मोईन और उसके दो अन्य साथियों ने उसके साथ बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और मारपीट कर रुपए तथा उसके जेवरात लूट लिए. किसी तरह पीडि़ता वहां से भागकर जंगल में ही छिपी रही और दूसरे दिन बुदनी थाना पहुंची. बुदनी पुलिस ने पीडि़ता की रिपोर्ट पर आरोपी शाका उर्फ मोईन खान 39 साल निवासी बनखेड़ी जिला नर्मदापुरम तथा उसके दो अन्य साथ शाहरुख खान 22 साला निवासी बाबई जिला नर्मदापुरम और शोएब खान 22 साल निवासी वनखेड़ी जिला नर्मदापुरम को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय में पेश किया. जहां तथ्यों एवं साक्ष्यों की सूक्ष्म विवेचना करते हुए विशेष न्यायाधीश हेमंत जोशी ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास और 31-31 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई.
