
रायसेन। जिला अस्पताल में संचालित जननी एक्सप्रेस वाहन,108 एम्बुलेंस वाहन फर्जीवाड़े से सड़कों पर दौड़ रही हैं।फर्जी इवेंट और मोबाइल पर ओटीपी नम्बर हितग्राहियों से लेकर फर्जी बिल स्वास्थ्य विभाग से हर महीने लाखों करोड़ों रुपये वसूल किया जा रहा है। हालांकि इस फर्जीवाड़े की शिकायत लोगों द्वारा शुक्रवार को सीएमएचओ डॉ एचएन मांडरे को की तो उन्हें असलियत का पता चला तो वे भी अवाक रह गए।बाद में उन्होंने इस 108 एम्बुलेंस के फर्जीवाड़े की जांच कराए जाने का आश्वासन दिया है।
जिले के तहसील रायसेन क्षेत्र की 108 एंबुलेंस से फर्जी केस बनाकर गाड़ी ज्यादा चलाने का मामला सामने आया है। यह सब खेल गाड़ी के वेंडर और ड्राइवर की मिलीभगत कर 108 एम्बुलेंस पर फर्जी कॉल करके केस बनाकर खाली गाड़ी ले जाते हैं। इतना ही नहीं, जिला अस्पताल से महिला की छुट्टी दर्शाकर यहां से भी खाली गाड़ी ले जाई जाती है। इतनी बड़ी लापरवाही होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग इन फर्जी केस बनाने वाली एंबुलेंस की जांच तक नहीं कर रहा है।जबकि जिला स्वास्थ्य विभाग में इनकी निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी भी तैनात है तो फिर ऐसा फर्जीवाड़ा आखिर किसके इशारे पर किया जा रहा है। फिलहाल नागरिकों द्वारा कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा और नवागत सीएमएचओ डॉ एच एन मांडरे से इस हेराफेरी अनिमितताओं की जांच कराए जाने की अविलंब मांग की है।
केस 01
फोन करके बताया गया कि बेबी चेकअप के सुल्तानपुर से जिला अस्पताल जाना है, बेबी चेकअप के लिए। जिस पर जिला अस्पताल से 108 एंबुलेंस निकली और सुल्तानपुर जाने के लिए बीच रास्ते तक पहुंची।सुल्तानपुर से जिला अस्पताल 108 एंबुलेंस पहुंची, लेकिन यह एंबुलेंस खाली थी, इसमें मरीज नहीं था।कुछ जागरूक लोगों ने एम्बुलेंस चालक से पूछा तो उसने बताया कि सुल्तानपुर से इवेंट आया था। जिस पर एक नवजात बच्चे की जिला अस्पताल में जांच होने का बहाना सामने आया।
दूसरा केस 02
एक मजदूर प्रसूता महिला की छुट्टी होने पर जिला अस्पताल से नयापुरा अगरिया घर जाने के लिए आए हैं।उसके पति ने चालक की आईडी पर गाड़ी बुकिंग भी कराई। इतना ही नहीं अस्पताल में 108 एंबुलेंस खड़ी होने के कुछ समय बाद बिना महिला को बैठाए ही खाली एंबुलेंस वापस चली गई। जबकि चालक अस्पताल से महिला को ले जाने की बात कह रहा था। अब ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से 108 पर फर्जी कॉल करके बिना मरीज के गाड़ी को चलाया जा रहा है। इस मामले में महिला उसका पति एक महिला रिश्तेदार घण्टों जमीन पर बैठकर इंतजार करती रहीं।इतना ही नहीं प्रसूता के पति से एम्बुलेंस के पायलट ने 500 रुपये बतौर रिश्वत के मांगे।जब पायलट को वह रकम नहीं मिली तो वह जिला अस्पताल नहीं पहुंची।
केस 03
क्या बताएं साहब रिश्वतखोरी का जमाना है
सेहतगंज का मजदूर परिवार उसका पति भी जिला अस्पताल में शुक्रवार को सुबह सवा 11 बजे तक गांव ले जाने के लिए घण्टों परेशान देखा गया।हुकमत बंजारा निवासी सेहतगंज ने बताया कि डिलीवरी से डिस्चार्ज कराने के लिए जच्चा बच्चा को सुरक्षित घर ले जाने की बारी आई तो108 एम्बुलेंस पायलट ने खर्चा पानी के नाम पर एक हजार रुपये रिश्वत की मांग की।जब उन्होंने रुपये नहीं दिए तो एम्बुलेंस जिला अस्पताल नहीं पहुंचीं।
एंबुलेंस पायलट कई सड़क दुर्घटनाएं कर चुके हैं
जिले में एम्बुलेंस 108 जननी एक्सप्रेस के पायलटो की लापरवाही के चलते लगभग आधा दर्जन सड़क हादसे हो चुके हैं ।जिसमें कई मरीजों की जाने तक जा चुकी है ।तो कुछ मरीज जिंदगी भर का दर्द झेलने के लिए मजबूर है। इस तरह के कई सड़क हादसे सांची दीवानगंज और रायसेन के देवनगर गैरतगंज और आसपास घटित हो चुके हैं कुछ एंट्रेंस चालक भी एंबुलेंस चला रहे जिन्हें सही तरीके से वाहन चलाना भी नहीं आता। हाल ही में सलामतपुर दीवानगंज के बीच एम्बुलेंस के एक पायलट ने जच्चा बच्चा को गाड़ी से गिरा दिया था ।जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इनका कहना है
हां, यह बात सच है कुछ जागरूक लोगों ने मोबाइल फोन पर इस फर्जीवाड़े की शिकायत की है। जल्द ही इस गड़बड़झाले की जांच पड़ताल कराई जाएगी।जननी 108 एम्बुलेंस में फर्जीवाड़े करने वालों को किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा।डॉ एचएन मांडरे सीएमएचओ रायसेन
