
उज्जैन। श्रावण के दूसरे सोमवार को रात 2.30 बजे हुई भस्मारती में गर्भगृह में घूसे इंदौर के भाजपा विधायक गोलू शुक्ला और उनके बेटे रुद्राक्ष के मामले में मंगलवार को मंदिर समिति के उप प्रशासक एसएन सोनी ने कहा कि विधायक गोलू व उनके बेटे रुद्राक्ष शुक्ला किसी को भी गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं थी। मामले ने तुल पकड़ा तो कलेक्टर ने तीन सदस्यीय समिति बनाकर 7 दिन में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा।
गर्भगृह में आम प्रवेश बंद है इसके बावजूद गोलू शुक्ला व उनका बेटा अंदर गया व पूजा भी की। यहां तक की मंदिर समिति कर्मचारी ने उन्हें रोका भी लेकिन वे उसे भी धमकी देकर अंदर घूसे। मीडिया ने जब विधायक शुक्ला से पूछा तो उन्होंने कहा था कि गर्भगृह में जाने की पांच लोगों को अनुमति मिली थी। जबकि मंगलवार को मंदिर समिति के अधिकारी ने इससे इनकार किया।
श्रावण में महाकाल की पहली सवारी में नई चांदी की पालकी निकली थी। लेकिन वह 200 किलो तक वजनी होने के कारण दूसरी सवारी में फिर से पुरानी पालकी का ही उपयोग किया गया। नई पालकी का वजन अधिक होने पर कहारों ने आपत्ति ली थी। इसलिए दूसरी सवारी में मंदिर समिति ने पुरानी पालकी निकालने की अनुमति दी। पुरानी पालकी का वजन 180 किलो ही है।
