
नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लक्ष्य के साथ चलाए गए संगठन सृजन कार्यक्रम के गर्भ से निकले जमीनी हकीकत की समीक्षा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने की गई है.
सूत्रों की मानें तो बहुस्तरीय आब्जर्वरों द्वारा जिला व ब्लाक स्तरीय गहन समीक्षा करने के बाद जिलावार रिपोर्ट तैयार की गई है. बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में पार्टी के प्रति वफादार जागरूक कार्यकर्ताओं व नेताओं को विशेष महत्व देते हुए उन्हें विशेष श्रेणी में रखने की सिफारिश की गई है. जो लोग पार्टी के साथ रहकर भी दूसरे दलों के साथ पारिस्थितिक सांठगांठ रखें हुए हैं उनके संदर्भ में भी साक्ष्यों के साथ चौकन्ना किया गया है. जो जिलाध्यक्ष विपरीत प्रस्थितियों में भी पार्टी की नीतियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहे हैं उनकी प्रशंसा भी रिपोर्ट में की गई है. सूत्रों की मानें तो पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के साथ प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और कांग्रेस के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी में उक्त रिपोर्ट पर मंथन किया गया है. फिलहाल जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर ही पार्टी निर्णय करने जा रही है. इसके लिए प्रदेश प्रभारी व प्रदेश अध्यक्ष आब्जर्वरों के रिपोर्ट को आधार बनाकर जिला अध्यक्षों के दावेदारों के नाम को शॉर्ट लिस्ट करेंगे. नाम को शॉर्ट करने के बाद संगठन को सूची भेजी जाएगी. इसके बाद मध्य प्रदेश में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति जुलाई की आखिरी सप्ताह तक कर दी जाएगी. सूत्रों की मानें तो लगभग एक दर्जन से ज्यादा मौजूदा जिलाध्यक्षों को पुनः मौका दिया जाएगा.
कांग्रेस ने संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत एआईसीसी और स्टेट ऑब्जर्वरों द्वारा जिन नेताओं के संदर्भ में नकारात्मक टिप्पणी की गई है उनको पहले औपचारिक रूप से हिदायत दी जाएगी. उसके बाद भी यदि नहीं सुधरे तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
