रीवा:रीवा के संजय गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान एक 19 वर्षीय युवक की मौत के बाद रविवार को हंगामा किया. परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं.मरीज सीधी जिले के हनुमानगढ़ गांव का रहने वाला है, जहां सडक़ हादसे में घायल युवक को रीवा रेफर किया गया था. 8 जुलाई को गुढ़ थाना क्षेत्र के बदवार में सडक़ हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद गोपीलाल साकेत को संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
परिजनों का आरोप है कि युवक को सिर में गंभीर चोटें आई थीं और डॉक्टरों ने उसी दिन ऑपरेशन कर दिया था. लेकिन ऑपरेशन के बाद युवक के पेट में चीरा दिखाई दिया, जिससे परिजन और अधिक आशंकित हो उठे. इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए. उनका कहना है कि अगर सही समय पर उचित इलाज और सही दवा दी जाती, तो युवक की जान बच सकती थी. गोपीलाल के परिजन भैयालाल ने बताया कि मौत के बाद पेट में चीरा लगा हुआ था. भला चीरा क्यों लगाया गया होगा.
जबकि पहले उसकी हालत ठीक थी. जब अस्पताल लाए थे तो वो बोल चाल रहा था. इलाज में लापरवाही बरती गई है और दाल में कुछ काला है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और आक्रोशित परिजनों को समझाइश देकर शांत कराया. फिलहाल मामले की जांच जारी है, वहीं परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. डॉ आलोक प्रकाश, सीएमओ, संजय गांधी अस्पताल ने बताया कि युवक को हेड इंजरी थी, ऑपरेशन किया गया और वह सफल रहा. लेकिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई.
