सीहोर/भैरूंदा. खाद- बीज की पर्याप्त उपलब्धता के दावे करने वाले जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के दावों की कलई खुलती नजर आ रही है. तीन दिन पहले लाड़कुई में ब्लैक में यूरिया की बिक्री से आक्रोशित किसानों ने सड़क पर जाम कर दिया था. इसके बाद भी यूरिया संकट गहराता जा रहा है.
बुधनी विधानसभा क्षेत्र में किसान यूरिया के लिए जद्दोजहद कर रहा है. मौसम खुलते ही यूरिया की आवश्यकता किसानों को लगने लगी है. लेकिन सरकार किसानों तक यूरिया पहुंचने में नाकाम साबित हुई है. खुले बाजार में जहां यूरिया खाद मनमाने दामों पर बेचा जा रहा है, वहीं सेवा सहकारी समितियां में पर्याप्त खाद की उपलब्धता नहीं होने से किसान परेशान है. यूरिया लेने के लिए किसानों को पासबुक की लाइन लगाना पड़ी.
ऐसी स्थिति भैरुंदा के तहत आने वाली निपानिया समिति में देखने को मिली. कांग्रेस नेता विक्रम मस्ताल शर्मा ने इस मामले में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कहा कि बुधनी विधानसभा का किसान यूरिया के लिए परेशान है. केंद्रीय कृषि मंत्री के क्षेत्र में ही ऐसी स्थिति निर्मित है. किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करने वाली सरकार यूरिया पहुंचाने में ही नाकाम साबित हुई है. यूरिया के लिए किसान कितना परेशान है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि समिति के गोदाम पर पासबुक की कतार अल सुबह से ही लग गई. 5 घंटे से भी अधिक का समय बीतने के बावजूद भी किसानों को खाद की उपलब्धता नहीं हो सकी थी. भगदड़ की स्थिति निर्मित न हो इसलिए किसानों ने स्वयं खड़े न होकर अपनी पासबुकों की लाइन लगा दी. समिति द्वारा यूरिया की बोरियां सीमित होने के कारण प्रत्येक किसान को एक बोरी यूरिया देने का निर्णय लिया है.
