रीवा: कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित संभागीय बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने राजस्व कार्यों की समीक्षा की. कमिश्नर ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में कानून और व्यवस्था की निगरानी के साथ राजस्व कार्यों पर विशेष ध्यान दें. नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के प्रकरणों का सर्वेाच्च प्राथमिकता से निराकरण करें. निर्धारित दिवस में राजस्व न्यायालय में अनिवार्य रूप से बैठकर प्रकरणों की सुनवाई करें.
लंबित प्रकरणों में 50 प्रतिशत से कम निराकरण होने पर कार्यवाही की जाएगी. सभी एसडीएम और तहसीलदार पाँच वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का 31 अगस्त तक अनिवार्य रूप से निराकरण करें. संभाग में राजस्व प्रकरणों के निराकरण में सिंगरौली जिले ने सबसे अच्छा प्रयास किया है. रीवा जिले में संख्या की दृष्टि से सर्वाधिक प्रकरणों का निराकरण हुआ है.
मऊगंज और सीधी जिलों के कलेक्टर राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा करके स्थिति में सुधार लाएं. नवगठित मऊगंज जिले में भी राजस्व प्रकरणों का निराकरण अच्छा हुआ है. आरसीएमएस पोर्टल तथा सीएम हेल्पलाइन में कोई भी जिला रैंकिंग में 30 से नीचे न जाए, इसके लिए सतत प्रयास करें. कमिश्नर ने कहा कि सीमांकन और नामांतरण के प्रकरणों का निराकरण 80 प्रतिशत से अधिक होना सुनिश्चित करें.
अनावश्यक पेशी देकर प्रकरण लंबित न रखें. राजस्व प्रकरणों के बड़ी संख्या में लंबित रहने के कारण ही संभाग में सीएम हेल्पलाइन में राजस्व विभाग में शिकायतों की संख्या अधिक है. इसमें 50 दिन से अधिक समय से लंबित सभी शिकायतों का तत्परता से निराकरण कराएं. बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों का चिन्हांकन करके राहत और बचाव के लिए समुचित प्रबंध करें. जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के माध्यम से नदियों और बांधों के जल स्तर पर निगरानी रखें. बैठक में कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर सतना सतीश कुमार एस, कलेक्टर मैहर श्रीमती रानी बाटड, कलेक्टर सीधी स्वरोचिष सोमवंशी, कलेक्टर सिंगरौली चन्द्रशेखर शुक्ला आदि उपस्थित रहे.
