आणंद और वडोदरा को जोड़ने वाला 40 साल पुराना गंभीरा पुल बुधवार को हुआ था ध्वस्त; प्रशासन और NDRF-SDRF की टीमें जुटी, कई वाहनों नदी में गिरे।
वडोदरा, 10 जुलाई, 2025 (नवभारत): गुजरात के वडोदरा और आणंद जिलों को जोड़ने वाले गंभीरा पुल हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। आज सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान महिसागर नदी से तीन और शव बरामद किए गए, जिससे हताहतों की संख्या में और वृद्धि हुई। बुधवार को हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य जारी है।
यह दुर्घटना तब हुई जब 40 साल पुराना गंभीरा पुल, महिसागर नदी के ऊपर से अचानक ढह गया, जिससे पुल से गुजर रहे कई वाहन नदी में जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, फायर ब्रिगेड, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें मौके पर पहुँच गईं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया। शुरू में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहने के साथ ही यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अभी भी कुछ लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में टीमें लगातार नदी में खोजबीन कर रही हैं।
चेतावनी के बावजूद अनदेखी का आरोप, सरकार ने दिए जांच के आदेश
हादसे के बाद गुजरात सरकार पर लापरवाही के आरोप भी लग रहे हैं। स्थानीय नेताओं और आरटीआई कार्यकर्ताओं का दावा है कि पुल की जर्जर हालत को लेकर कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन इन चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया गया।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों के लिए ₹4 लाख के मुआवजे की घोषणा की है, जबकि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से ₹2 लाख की अतिरिक्त सहायता का ऐलान किया है। घायलों को भी ₹50,000 की सहायता राशि दी जा रही है। इस पुल के पुनर्निर्माण के लिए ₹212 करोड़ का एक नया प्रोजेक्ट पहले ही स्वीकृत हो चुका था, जो अब और भी तेज़ी से शुरू होने की उम्मीद है।

