रीवा: रीवा मे आयुक्त कार्यालय के सामने आउटसोर्स कर्मचारी 21 दिन से अमरण अनशन पर बैठे है,अभी तक कोई देखने तक कोई नहीं आए की इतने आधी तूफान बारिश में भी अनशन करी डटे रहे लेकिन यह के अधिकारी CE ओर SE अभी तक आंखों में पट्टी बांध कर बैठे हैं कोई भी अधिकारी आज तक देखने तक नहीं आए की इनकी हालत कैसी है ऐसा लगता है.
पूरा मामला बिजली विभाग के आउटसोर्स मीटर रीडरों से जुड़ा हुआ है जहां अधिकारियों द्वारा अन्यायपूर्ण तानाशाही रवैया अपनाते हुए मीटर रीडरों को ब्लैक लिस्ट किए 1 वर्ष बीत गए जिसके बाद तमाम मीटर रीडर जिम्मेदारों का दरवाजा खटखटाया फलस्वरूप झूठा आश्वासन के शिवाय कुछ हासिल नहीं हुआ।मजेदार बात तो यह है कि देश के।
सबसे कठिन अनशन आमरण अनशन का भी मार्ग अंतिम दौर पर तमाम मीटर रीडरों द्वारा अपनाया गया लेकिन 2 बार लिखित मिले आश्वासन भी फर्जी निकले लिहाजा तीसरी बार तमाम मीटर रीडर संभागीय आयुक्त कार्यालय के सामने 17 जून से आमरण अनशन में बैठ गए लेकिन तानाशाह प्रशाशन का आलम यह रहा कि आज 21 दिन भी कोई परिणाम हासिल नहीं हो सका बल्कि एक अनशनकारी की तबियत ज्यादा खराब हो गई जिसे कुशाभाऊ ठाकरे अस्पताल रीवा में आईसीयू में भर्ती किया गया था लेकिन इन्हें देखने कोई भी अधिकारी आज दिनांक तक नहीं गये
