
सीहोर/भैरूंदा. अन्नदाता किसानों को एक बार फिर खाद की किल्लत से जूझना पड़ रहा है. व्यापारी उनकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए खाद की कालाबाजारी करने का मौका नहीं छोड़ रहे. नजदीकी ग्राम लाड़कुई में खाद व्यापारी द्वारा खुलेआम महंगे दामों पर खाद बेच रहा था. जिससे किसान भड़क उठे और उन्होंने चक्काजाम कर दिया. लगभग दो घंटे तक जाम लगा रहा.
रबी का सीजन हो या खरीफ सीजन की बोवनी करना हो. किसानों को खाद- बीज और बिजली की समस्या से दो चार होना पड़ता है. इस बार भी जिला प्रशासन द्वारा खाद- यूरिया का पर्याप्त स्टाक होने के दावे किए गए थे, लेकिन हालात ठीक इसके विपरित हैं. खाद व्यापारियों पर प्रशासन नकेल नहीं कस पा रहा है. ऐसे में वह खुलेआम खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं.
जानकारी के अनुसार भैरूंदा के नजदीकी ग्राम लाड़कुई स्थित जैन कृषि सेवा केन्द्र संचालक द्वारा शासकीय दर पर खाद बेचने से साफ इंकार कर दिया. काफी मान मनौव्वल के बाद भी जब खाद संचालक शासकीय दर पर खाद बेचने को राजी नहीं हुआ तो परेशान किसानों के सब्र का बांध ढह गया और उन्होंने सड़क पर खड़े होकर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी. नतीजतन कुछ ही देर में सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं. जाम की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम एमएस रघुवंशी ने दुकानदार को समझाईश भी दी, लेकिन उसने सरकारी दर पर खाद देने से हाथ ऊंचे कर दिए. बाद में किसी तरह वह माना भी तो कुछेक किसानों को ही सरकारी दर पर यूरिया का वितरण किया गया. इसके साथ ही उन्हें नैनो यूरिया व डीएपी की बोरी लेने को भी बाध्य किया गया. जो किसान नैनो यूरिया व डीएपी की बोरी लेने से इंकार कर रहे थे उनके साथ दुव्र्यवहार किया जा रहा था.
इस दौरान कई किसानों ने बताया कि उन्हें 375 रुपए में खाद की बोरी बेची गई है. उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों के समक्ष भी यही आरोप लगाया जिसके बाद उन्होंने विधिवत आवेदन देने को कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया. ऐसे में कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान उठ रहे हैं.
ग्रामीण क्षेत्र की खाद दुकानों पर जमकर कालाबाजारी
जिला प्रशासन कितने ही दावे कर ले, लेकिन खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने पाने में वह विफल साबित हो रहा है. ग्राम लाड़कुई में मंगलवार को हुई चक्काजाम की घटना ने सिद्व कर दिया है कि व्यापारी खुलेआम खाद की कालाबाजारी में लिप्त हैं. ऐसा कदापि नहीं है कि केवल लाड़कुई में ही खाद की कालाबाजारी की जा रही है. भैरूंदा, चकल्दी और गोपालपुर सहित आसपास के अनेक गांवों में किसानों को खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है, क्योंकि निजी खाद विक्रेताओं द्वारा उन्हें ब्लैक में खाद बेची जा रही है. सरकारी खाद की आस में भटकते किसानों को मजबूरन महंगे दामों पर निजी गोदामों से खाद खरीदना पड़ रही है, क्योंकि अगर वह समय पर फसल में खाद का छिड़काव नहीं करेंगे तो फसलों के प्रभावित होने का खतरा निर्मित हो सकता है. ऐसे में कृषि विभाग की उपयोगिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि जिला प्रशासन द्वारा दिए गए सख्त आदेशों के बाद भी वह खाद की कालाबाजारी को रोक पाने में नाकाम साबित हो रहे हैं.
अधिक दाम लेने पर होगी कार्रवाई
लाड़कुई में कृषि अमले और राजस्व अमले की मौजूदगी में यूरिया का वितरण शुरू कर दिया है. साथ ही संबंधितों को निर्देश दिए हैं कि सभी व्यापारियों को निर्देशित किया जाए कि वह नियत दर पर ही खाद का वितरण करें. अधिक दाम लेने पर उनके खिलाफ सख्त व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
मदनसिंह रघुवंशी,
एसडीएम भैरूंदा
