
शाजापुर।आमजनों को गुणवत्ता युक्त खाद्य सामग्री मिले इसका जिम्मा खाद्य एवं औषधी प्रशासन विभाग का रहता है. विभाग के अमले को दुकानों पर पहुंचकर निरीक्षण व सैंपलिंग करना होती है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है. जिसमें दूध के अवमानक होने की रिपोर्ट आने पर प्रशासन द्वारा व्यवसायी पर दो लाख का जुर्माना किया है.
न्याय निर्णयन अधिकारी एवं पदेन अपर जिला दण्डाधिकारी बीएस सोलंकी द्वारा पारित आदेश के तहत अवमानक गाय भैंस के मिश्रित दूध के कारोबार करने के कारण मक्सी स्थित मस्ताना दूध डेयरी के संचालक देवास जिले के बरखेड़ा तहसील टोंकखुर्द के निवासी अखिलेश पटेल पर 2 लाख रुपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया है. तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपा टटवाडे द्वारा 26 फरवरी को डेयरी पर निरीक्षण कर दूध का नमूना संग्रहित किया गया था. जांच रिपोर्ट में दूध को अवमानक श्रेणी का पाया गया. इसके आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 51 के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए 2 जुलाई को जुर्माने का आदेश पारित किया गया. निर्णय में कहा गया है कि जुर्माने की राशि 15 दिनों के भीतर लेखा शीर्ष 0210 चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य 04 लोक स्वास्थ्य 104 शुल्क एवं दण्ड, 0754 खाद्य एवं औषधि नियंत्रक के अधीन विभागीय चालान के माध्यम से जमा कराई जाए. समय सीमा में राशि जमा न होने की स्थिति में, धारा 96 के अंतर्गत वसूली भू राजस्व की बकाया राशि की भांति संबंधित तहसीलदार द्वारा की जाएगी. इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जब तक अर्थदण्ड की राशि जमा नहीं की जाती, तब तक संबंधित खाद्य अनुज्ञप्ति पंजीयन निलंबित रहेगा.
