बर्मिंघम, 05 जुलाई (वार्ता) घर के बाहर जब भी मोहम्मद सिराज जसप्रीत बुमराह के बिना उतरते हैं तो उनमें एक अलग ही निखार देखने को मिलता है या यूं कहें वह एक अलग ही तरह से जिम्मेदारी लेते दिखते हैं। एजबस्टन में दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन शुक्रवार को सिराज ने अपने टेस्ट करियर में तीसरी बार पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लिए। मैच के बाद सिराज ने कहा कि जब भी चुनौती आती है तो उनको वह पसंद आती है, क्योंकि उन्होंने जिंदगी में भी काफी चुनौतियां झेली हैं।
सिराज ने मैच के बाद जियो हॉटस्टार पर दीप दासगुप्ता से बातचीत में कहा, ”हां, बिलकुल जब आपके साथ आकाश दीप हो जो तीन-चार टेस्ट ही खेला हो, प्रसिद्ध कृष्णा हो जो दो-तीन मैच ही खेला हो, तो मेरे 38 मैच हो गए हैं, तो मैं जिम्मेदारी ले रहा था। मेरा भी मन करता है कि बोर्ड पर 600 रन हैं तो मैं कुछ अलग करूं, मेरा बस यही था कि दबाव बनाकर रखूं, अगर मुझे विकेट नहीं मिल रहा है तो जो मेरे साथ गेंदबाजी कर रहा है उसको विकेट मिले।”
घर के बाहर बुमराह के साथ खेलने पर सिराज की औसत 32.4 की है लेकिन जब वह बुमराह के बिना उतरते हैं तो औसत 23.3 की हो जाती है। यानि बुमराह के बिना वह ज्यादा प्रभावित करते हैं।
इसको लेकर उन्होंने कहा, ”ये तो केवल आंकड़ें है लेकिन मुझे चुनौतियां पसंद हैं, जहां से मैं आता हूं मैंने जिंदगी में काफी चुनौतियां झेली हैं, वहां से उबरकर आया हूं, तो मुझे चुनौतियां पसंद हैं।”
सिराज के लिए इंग्लैंड में यह पहली बार पारी में पांच विकेट हैं, इससे पहले वह दो बार एक विकेट से यह क़ामयाबी हासिल करने से चूक गए थे। लेकिन सिराज इस मुकाम को हासिल करने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
सिराज ने कहा, ”मैं बहुत समय से इंतज़ार कर रहा था, गेंदबाज़ी अच्छी कर रहा था लेकिन पांच विकेट नहीं मिल पा रहे थे। लॉर्ड्स में भी चार विकेट थे, यहां पर भी पहले चार विकेट मेरे नाम थे। अब अच्छा लग रहा है। विकेट धीमा था और जिम्मेदारी मेरे पास थी। मैं बस एक ही जगह पर गेंद करने की कोशिश कर रहा था। मैं अपनी ओर से अधिक कुछ नहीं करने का प्रयास कर रहा था। इससे टीम में भी आत्मविश्वास आता है और माहौल भी बदल जाता है।”
भारत अभी भी मैच में 244 रनों से आगे है और पिच लगातार बेजान होती जा रही है, लेकिन सिराज जानते हैं कि उनको अगली पारी में किस तरह की गेंदबाजी करनी होगी।
सिराज ने कहा, ”अभी तो मैच में हम बहुत आगे हैं, अभी यही कोशिश रहेगी कि बोर्ड पर जितना अधिक हो सके रन लगाएं। विकेट दिन प्रतिदिन धीमा होता जा रहा है, आपको एक ही जगह पर गेंदबाजी करने की जरूरत है, अगर एक बार रन आने लग गए तो उनको रोकना बहुत ही मुश्किल है। जिस तरह से ब्रूक और स्मिथ खेल रहे थे, आपने देखा कि जिस तरह स्मिथ ने एक ही सेशन में शतक बनाया तो रन रूक ही नहीं पा रहे थे। तो बिल्कुल यह टेस्ट क्रिकेट है और यहां पर संयम बहुत ही जरूरी है।”

